अब मेटल ब्रेसेस नहीं, क्लियर एलाइनर्स बन रहे लोगों की पहली पसंद

अब मेटल ब्रेसेस नहीं, क्लियर एलाइनर्स बन रहे लोगों की पहली पसंद

दांतों की टेढ़ी-मेढ़ी बनावट को ठीक करने के लिए अब पारंपरिक ब्रेसेस की जगह क्लियर एलाइनर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। खासकर इनविजलाइन जैसे ट्रांसपेरेंट एलाइनर्स लोगों को इसलिए पसंद आ रहे हैं क्योंकि ये दिखने में लगभग नजर नहीं आते और जरूरत पड़ने पर आसानी से हटाए भी जा सकते हैं। हालांकि, इस ट्रीटमेंट को शुरू करने से पहले कुछ अहम बातों को समझना बेहद जरूरी है।

क्या होते हैं क्लियर एलाइनर्स?

क्लियर एलाइनर्स प्लास्टिक से बने ट्रांसपेरेंट ट्रे होते हैं, जिन्हें दांतों पर फिट किया जाता है। ये धीरे-धीरे दांतों को सही पोजिशन में लाने का काम करते हैं। पारंपरिक ब्रेसेस की तरह इनमें मेटल वायर या ब्रैकेट नहीं होते, इसलिए इन्हें ज्यादा कम्फर्टेबल माना जाता है।

किन समस्याओं में किया जाता है इस्तेमाल?

  • दांतों को सीधा करने के लिए
  • ओवरबाइट और अंडरबाइट सुधारने में
  • क्रॉसबाइट जैसी डेंटल समस्या में
  • दांतों के बीच गैप कम करने के लिए

बेहतर रिजल्ट के लिए क्या जरूरी है?

डॉक्टर्स के मुताबिक, एलाइनर्स का असर तभी सही तरीके से दिखता है जब इन्हें रोजाना 20 से 22 घंटे तक पहना जाए। इन्हें केवल खाना खाने और ब्रश करने के दौरान ही हटाना चाहिए। पानी पीते समय इन्हें निकालने की जरूरत नहीं होती।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

अगर एलाइनर्स को लगातार नहीं पहना जाए, तो ट्रीटमेंट का असर धीमा पड़ सकता है। इससे दांत उम्मीद के मुताबिक शिफ्ट नहीं हो पाते और पूरा इलाज लंबा खिंच सकता है। कई बार मनचाहा रिजल्ट भी नहीं मिल पाता।

एलाइनर्स इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां

  • हर बार खाने के बाद ब्रश करके ही एलाइनर्स दोबारा लगाएं
  • रंग वाले ड्रिंक्स पीने से पहले एलाइनर्स निकाल लें, वरना उन पर दाग पड़ सकते हैं
  • सफर के दौरान एलाइनर्स का केस और क्लीनिंग टैबलेट साथ रखें
  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि दांतों में सड़न या बैक्टीरिया की समस्या न हो

ट्रीटमेंट के दौरान ये दिक्कतें सामान्य हैं

  • दांतों पर हल्का दबाव महसूस होना
  • मसूड़ों में जकड़न या हल्की सूजन
  • गाल या जीभ पर शुरुआती असहजता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही तरीके से इस्तेमाल करने पर क्लियर एलाइनर्स दांतों को बेहतर शेप देने का आसान और मॉडर्न विकल्प साबित हो सकते हैं।

(Photo : AI Generated)