भारत-रूस संबंधों पर पुतिन का बड़ा बयान: अमेरिकी दबाव का असर नहीं, साझेदारी और मजबूत होगी

भारत-रूस संबंधों पर पुतिन का बड़ा बयान: अमेरिकी दबाव का असर नहीं, साझेदारी और मजबूत होगी

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ अपने देश के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और मजबूत राष्ट्र है, जो अपने फैसले राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लेता है। ऐसे में किसी भी बाहरी दबाव से भारत-रूस संबंधों पर असर पड़ने की संभावना नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया एजेंसियों के प्रमुखों से बातचीत में पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक और वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है और रूस उसे एक विश्वसनीय मित्र तथा रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है।

पुतिन के अनुसार, कुछ देशों ने भारत को रूस के साथ सहयोग सीमित करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की थी, लेकिन भारत ने हमेशा अपने हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें न केवल बेअसर साबित होंगी, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक संतुलन के लिए भी ठीक नहीं हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने यह भी विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार में बड़ा विस्तार होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक कारोबार 100 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है।

भारत और रूस के बीच हाल के वर्षों में ऊर्जा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, उद्योग और समुद्री परिवहन जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। दिसंबर 2025 में दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे, जिनमें ऊर्जा आपूर्ति, चिकित्सा अनुसंधान, खाद्य सुरक्षा मानकों और औद्योगिक निवेश से जुड़े समझौते शामिल थे।

पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां चल रही हैं। सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति के भारत आने की संभावना है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इस वर्ष रूस दौरे का कार्यक्रम तय माना जा रहा है।

रूस ने दोहराया है कि भारत के अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ बढ़ते संबंधों से उसे कोई चिंता नहीं है। मॉस्को का मानना है कि नई दिल्ली और मॉस्को के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी भविष्य में भी मजबूती के साथ आगे बढ़ती रहेगी।