ज्येष्ठ मास का आरंभ 2 मई से हो रहा है और इस बार पहला दिन शनिवार पड़ रहा है, जिसे विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कुछ सरल उपाय जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं और धन-प्रगति के मार्ग खोल सकते हैं। नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
सबसे पहले, यदि आपके सरकारी काम बार-बार अटक रहे हैं, तो इस दिन घर के किसी बुजुर्ग का आशीर्वाद अवश्य लें। इसके साथ ही सूर्य भगवान के मंत्र “ऊँ घृणिः सूर्याय नमः” का 108 बार जप करें। यह उपाय कार्यों में आने वाली बाधाओं को कम करता है और करियर में उन्नति के संकेत देता है।
जीवन में शांति और इच्छित फल पाने के लिए मां दुर्गा के अर्गला स्तोत्र का पाठ करना लाभकारी माना गया है। यह स्तोत्र दुर्गा सप्तशती में मिलता है, जिसे आप ऑनलाइन भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसका नियमित पाठ मानसिक संतुलन और सुख-समृद्धि में सहायक होता है।
परिवार में खुशहाली बनाए रखने के लिए स्नान के बाद एक लोटे जल में लाल कनेर का फूल डालकर सूर्य को अर्पित करें। यदि फूल उपलब्ध न हो, तो चावल के दाने भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है।
व्यापार में सफलता और अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करने के लिए भगवान को मीठी रोटी या पूरी का भोग लगाएं। बाद में इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। इससे कार्यक्षमता में सुधार और व्यापारिक लाभ के संकेत मिलते हैं।
दांपत्य जीवन में सम्मान और मधुरता बनाए रखने के लिए शनिवार को कनेर के पौधे या उसकी तस्वीर पर लाल कपड़ा मौली से बांधकर अर्पित करें और धूप दिखाएं। यह उपाय रिश्तों में स्थिरता और करियर में प्रगति का कारक माना जाता है।
ऊर्जा और उत्साह बनाए रखने के लिए सूर्य मंत्र “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” का 108 बार जप करें। इससे मानसिक और शारीरिक ऊर्जा बनी रहती है।
अंत में, जीवन में आर्थिक उन्नति और बेहतर स्थिति पाने के लिए देवी लक्ष्मी को केसर का तिलक लगाएं। दूध और चावल की खीर बनाकर उन्हें भोग लगाएं और बाद में बच्चों में बांट दें। इससे धन-धान्य में वृद्धि और समृद्धि आने की संभावना बढ़ती है।
इन सरल उपायों को अपनाकर आप ज्येष्ठ मास की शुरुआत को शुभ और फलदायी बना सकते हैं।
(Photo : AI Generated)




