इंटरव्यू में ट्रम्प का गुस्सा फूटा: ‘रेपिस्ट’ टिप्पणी पर उठे सवाल, गोलीबारी की घटना पर भी बोले अमेरिकी राष्ट्रपति

इंटरव्यू में ट्रम्प का गुस्सा फूटा: ‘रेपिस्ट’ टिप्पणी पर उठे सवाल, गोलीबारी की घटना पर भी बोले अमेरिकी राष्ट्रपति

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उस समय नाराज हो गए, जब उनसे एक हमलावर के कथित मैनिफेस्टो को लेकर सवाल पूछा गया। इस दस्तावेज़ में ‘रेपिस्ट’, ‘पेडोफाइल’ और ‘गद्दार’ जैसे गंभीर शब्द लिखे गए थे, हालांकि उसमें किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया था।

दरअसल, आरोपी Cole Thomas Allen ने हमले से कुछ मिनट पहले अपने परिवार को एक लिखित संदेश भेजा था, जिसमें उसने कई तीखी बातें लिखीं। इसी मुद्दे को लेकर पत्रकार Norah O’Donnell ने ट्रम्प से सवाल किया कि क्या ये आरोप उनकी ओर इशारा करते हैं। इस पर ट्रम्प ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका इन आरोपों से कोई संबंध नहीं है और उन्हें पहले ही सभी मामलों में “क्लीन चिट” मिल चुकी है।

ट्रम्प ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की लिखी बातों को राष्ट्रीय टीवी पर पढ़ना ही गलत है। उनका कहना था कि इस तरह की बातें बिना आधार के किसी की छवि खराब कर सकती हैं। हालांकि, पत्रकार ने यह स्पष्ट किया कि वह सिर्फ आरोपी के शब्दों को दोहरा रही थीं, न कि खुद कोई आरोप लगा रही थीं।

इसी इंटरव्यू में ट्रम्प ने हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि मामला छोटा है, लेकिन कुछ ही समय में स्थिति की गंभीरता सामने आ गई। उस समय एक कार्यक्रम चल रहा था और माहौल सामान्य था, लेकिन अचानक हालात बदल गए।

ट्रम्प के अनुसार, उनकी सुरक्षा टीम ने तुरंत उन्हें वहां से बाहर निकालने की कोशिश की। हालांकि, वह पहले स्थिति को समझना चाहते थे। बाद में जब खतरा बढ़ा तो एजेंट्स के कहने पर वह और उनकी पत्नी Melania Trump नीचे झुक गए और सुरक्षित स्थान पर ले जाए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं से उन्हें डर नहीं लगता, क्योंकि दुनिया में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी ऐसे हालात देखे हैं, लेकिन उनके लिए यह नई बात नहीं थी। हालांकि, मेलानिया के लिए यह अनुभव नया था, फिर भी उन्होंने स्थिति को संभालने में संयम दिखाया।

घटना को लेकर ट्रम्प ने राजनीतिक बयान भी दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में बढ़ती हिंसा के पीछे डेमोक्रेटिक नेताओं की “हेट स्पीच” जिम्मेदार है। उनके मुताबिक, इस तरह की बयानबाजी लोगों को भड़काती है और हालात को और खराब करती है।

वहीं, आरोपी के नोट में यह भी सामने आया कि वह सरकार के कई बड़े नेताओं को निशाना बनाना चाहता था। उसने लिखा था कि वह एक-एक कर ऐसे लोगों को टारगेट करेगा, जिन्हें वह “देशद्रोही” मानता है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते वह उस जगह तक नहीं पहुंच पाया, जहां ट्रम्प और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

इस पूरी घटना के बाद एक बार फिर राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी ट्रम्प को निशाना बनाने की कोशिशें सामने आ चुकी हैं, जिससे उनकी सुरक्षा हमेशा चर्चा में बनी रहती है।