सीजफायर के बीच ईरान ने अहम समुद्री रास्ते हॉर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने का ऐलान किया है। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के मुताबिक अब सभी कमर्शियल जहाज सुरक्षित रूट से गुजर सकेंगे, जिसकी पहले से प्लानिंग की गई है ताकि समुद्री व्यापार बिना रुकावट चलता रहे।
हालांकि, इस कदम के बावजूद तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के फैसले का स्वागत तो किया, लेकिन साफ कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी और यह खास तौर पर ईरान को टारगेट करेगी। ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि अगर उसके पोर्ट्स पर दबाव या नाकाबंदी जारी रही, तो वह इसे सीजफायर का उल्लंघन मानते हुए फिर से हॉर्मुज स्ट्रेट बंद कर सकता है।
परमाणु मुद्दे पर नई बहस
इसी बीच ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार है और दोनों देशों के बीच समझौता काफी नजदीक है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि बातचीत पाकिस्तान में हो सकती है। हालांकि ईरानी मीडिया ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम क्यों चिंता का कारण
यूरेनियम का इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ परमाणु हथियार बनाने में भी होता है। अंतर सिर्फ इसकी शुद्धता यानी एनरिचमेंट लेवल का होता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के पास 5–6 टन तक एनरिच्ड यूरेनियम है, जिसमें से करीब 120–130 किलो 60% तक शुद्ध किया जा चुका है। यदि इसे 90% तक पहुंचा दिया जाए, तो हथियार निर्माण संभव हो जाता है। यही वजह है कि अमेरिका और इजराइल लगातार इस पर दबाव बनाए हुए हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ती हलचल – 5 बड़े पॉइंट्स
- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर सहमत हुए हैं, जिसका उद्देश्य स्थायी शांति की दिशा में बातचीत बढ़ाना है।
- समझौते के तहत इजराइल आत्मरक्षा कर सकता है, लेकिन कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं करेगा।
- लेबनान पर दबाव है कि वह हिजबुल्लाह को हमलों से रोके।
- अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि अगर बातचीत विफल होती है तो सैन्य विकल्प तैयार हैं।
- अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने वाला प्रस्ताव बेहद मामूली अंतर से खारिज हो गया।
कुल मिलाकर, हॉर्मुज स्ट्रेट का खुलना राहत की खबर जरूर है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कूटनीतिक और सैन्य तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।




