मध्य पूर्व में जारी तनाव एक बार फिर खुली सैन्य कार्रवाई में बदलता नजर आ रहा है। ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमले किए जाने के कुछ घंटों के भीतर ही इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले कर दिए। इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया है कि उसकी वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में मौजूद सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। सेना के अनुसार, यह कार्रवाई हालिया ईरानी हमलों के जवाब में की गई। वहीं, ईरान की स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में राजधानी तेहरान, तबरीज और इस्फहान समेत कई शहरों में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आई हैं।
हमलों के बाद ईरान ने तत्काल सुरक्षा कदम उठाते हुए तेहरान स्थित इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का एयरस्पेस बंद कर दिया। यह एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई केंद्र माना जाता है। हवाई क्षेत्र बंद होने से कई उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हवाले से बताया कि इजरायल ने हवा से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य आधुनिक हथियारों का उपयोग कर विभिन्न स्थानों को निशाना बनाया। ईरानी अधिकारियों ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल ने ईरान के भीतर लगभग 15 अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए हैं। इनमें कुछ सैन्य अड्डे, हथियार भंडारण केंद्र और ड्रोन से जुड़े ठिकाने शामिल बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तेहरान में एक ड्रोन ऑपरेशन सेंटर भी हमलों का निशाना बना।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से नुकसान और संभावित हताहतों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि, इस ताजा सैन्य टकराव ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले, तो यह संघर्ष क्षेत्रीय स्तर पर और व्यापक रूप ले सकता है।




