एक पासवर्ड से देशभर में पब्लिक WI-FI एक्सेस की तैयारी, बार-बार OTP झंझट खत्म करने की योजना

एक पासवर्ड से देशभर में पब्लिक WI-FI एक्सेस की तैयारी, बार-बार OTP झंझट खत्म करने की योजना

देश में पब्लिक वाई-फाई को आसान और ज्यादा उपयोगी बनाने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। इस प्रस्ताव के तहत यूजर्स को अलग-अलग हॉटस्पॉट पर बार-बार ओटीपी डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि एक ही पासवर्ड या ओटीपी से पूरे नेटवर्क में लॉगिन संभव होगा। इस दिशा में दूरसंचार नियामक ट्राई ने परामर्श-पत्र जारी कर सुझाव आमंत्रित किए हैं।

मौजूदा सिस्टम के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए यह बदलाव प्रस्तावित किया गया है। पहले की योजना यूजर्स के लिए जरूरी सेवा नहीं बन सकी और ऑपरेटरों को भी इससे अपेक्षित आय नहीं हुई। अब नए मॉडल में कमाई के विकल्पों पर भी फोकस किया जा रहा है, जिसमें विज्ञापन आधारित सेवाएं, भुगतान वाले प्लान और सब्सिडी (वायबिलिटी गैप फंडिंग) शामिल हो सकते हैं।

नई व्यवस्था में सुरक्षा पर खास जोर दिया जाएगा। ‘वाई-फाई प्रोटेक्टेड एक्सेस 3’ (WPA3) जैसे आधुनिक मानकों को लागू करने की योजना है, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सुरक्षित डिजिटल पेमेंट, खासकर यूपीआई ट्रांजैक्शन, करना आसान होगा।

देशभर में फिलहाल लगभग 4 लाख हॉटस्पॉट मौजूद हैं, लेकिन केवल करीब 2% लोग ही पब्लिक वाई-फाई का उपयोग करते हैं। इसके उलट दक्षिण कोरिया, अमेरिका, यूरोप और चीन जैसे देशों में इसका उपयोग काफी अधिक है। इसी अंतर को कम करने के लिए ‘कम्युनिटी वाई-फाई’ मॉडल पर भी जोर दिया जा रहा है, जिसमें शहरों में हाई-स्पीड और ग्रामीण इलाकों में कम लागत वाला इंटरनेट उपलब्ध कराया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ता और सुलभ इंटरनेट न केवल कनेक्टिविटी बेहतर करेगा, बल्कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत बनाएगा। इससे वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड सेवाओं और एआई आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही मोबाइल नेटवर्क पर बढ़ते डेटा ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

सरकार का लक्ष्य इस नई व्यवस्था के जरिए इंटरनेट पहुंच को आसान बनाना और डिजिटल सेवाओं खासकर ई-गवर्नेंस को आम लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना है।

(Photo : AI Generated)