ग्लोबल दबाव में टूटा भारतीय शेयर बाजार, निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा

ग्लोबल दबाव में टूटा भारतीय शेयर बाजार, निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा

भारतीय शेयर बाजार में आज का कारोबारी दिन भारी उतार-चढ़ाव और तेज गिरावट के नाम रहा। सप्ताह के बीच बाजार ने कमजोर शुरुआत की और शुरुआती घंटों में ही निवेशकों पर बिकवाली हावी हो गई। बीएसई सेंसेक्स खुलते ही लाल निशान में पहुंच गया और थोड़ी ही देर में करीब 600 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 74,500 के आसपास कारोबार करने लगा। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी दबाव में दिखाई दिया और 23,450 के नीचे फिसल गया। हालांकि बाद में कुछ खरीदारी लौटने से मामूली सुधार जरूर देखने को मिला, लेकिन बाजार पूरे समय कमजोरी के दायरे में ही बना रहा।

विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बने नकारात्मक माहौल का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है। इसके अलावा विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों का भरोसा और कम कर दिया, जिसके चलते शुरुआती सत्र से ही बिकवाली तेज हो गई।

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव रियल्टी, ऑटो, पीएसयू और मेटल सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। इन सेक्टरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिससे कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में पहुंच गए। आईटी और बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली, हालांकि कुछ चुनिंदा शेयरों में हल्की खरीदारी ने नुकसान को थोड़ा सीमित करने की कोशिश की।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बाजार का माहौल कमजोर बना रहा। दोनों इंडेक्स करीब 1 फीसदी तक टूट गए, जिससे छोटे निवेशकों को ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा। बाजार की चौड़ाई भी पूरी तरह निगेटिव रही। शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई पर गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से दोगुनी से ज्यादा रही, जो बाजार में बने दबाव को साफ दर्शाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहेगी और कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिलेगी, तब तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्कता के साथ निवेश करने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।