एपस्टीन केस में नया दावा: कथित सुसाइड नोट 7 साल से सील, जांच एजेंसियों को भी नहीं मिला

एपस्टीन केस में नया दावा: कथित सुसाइड नोट 7 साल से सील, जांच एजेंसियों को भी नहीं मिला

यौन अपराधों के आरोपी Jeffrey Epstein की मौत को लेकर एक बार फिर नई चर्चा शुरू हो गई है। दावा किया जा रहा है कि उसने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था, लेकिन यह दस्तावेज़ पिछले करीब सात वर्षों से न्यूयॉर्क की अदालत में सील रखा गया है।

बताया जाता है कि यह कथित नोट अब तक उन एजेंसियों के पास भी नहीं पहुंचा, जो एपस्टीन की मौत की जांच कर रही थीं। अगर यह नोट वास्तव में उसी ने लिखा था, तो इससे उसकी मानसिक स्थिति और आखिरी दिनों की स्थिति को समझने में मदद मिल सकती थी।

साथी कैदी के पास मिला था नोट

रिपोर्ट्स के अनुसार, जुलाई 2019 में एपस्टीन के साथ जेल में बंद कैदी निकोलस टारटाग्लियोने को यह नोट मिला था। उसी दौरान एपस्टीन एक बार जेल में बेहोश हालत में पाया गया था, उसकी गर्दन पर कपड़ा बंधा हुआ था। उस घटना में उसकी जान बच गई थी, लेकिन कुछ हफ्तों बाद उसकी मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या माना गया।

टारटाग्लियोने के अनुसार, नोट में लिखा था कि जांच एजेंसियों ने महीनों तक जांच की लेकिन कुछ नहीं मिला। साथ ही एक लाइन थी “आप मुझसे क्या चाहते हैं, क्या मैं रोऊं? अब अलविदा कहने का समय है।”

जस्टिस डिपार्टमेंट ने जताई अनभिज्ञता

अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि उनके पास ऐसा कोई नोट मौजूद नहीं है, इसलिए वे इसकी पुष्टि नहीं कर सकते। एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने जेल ब्यूरो और इंस्पेक्टर जनरल के रिकॉर्ड समेत सभी संबंधित दस्तावेज़ जुटाने की कोशिश की, लेकिन यह नोट उन्हें नहीं मिला।

कोर्ट के आदेश पर सील हुआ दस्तावेज़

बाद में यह नोट टारटाग्लियोने के खुद के आपराधिक केस का हिस्सा बन गया। एक फेडरल जज के आदेश पर इसे सील कर दिया गया, जिसके कारण जांच टीमों को भी इसकी पहुंच नहीं मिल सकी। हाल ही में मीडिया संस्थान ने अदालत से इसे सार्वजनिक करने की मांग की है। रिकॉर्ड्स के अनुसार, टारटाग्लियोने के वकीलों ने इसे असली बताया था, लेकिन इसकी पुष्टि कैसे हुई यह स्पष्ट नहीं है।

किताब के अंदर छिपा था नोट

टारटाग्लियोने ने दावा किया कि यह नोट उन्हें अपनी जेल सेल में एक किताब के भीतर मिला था। यह पीले कागज पर लिखा था, जो लीगल पैड से फाड़ा गया था। उन्होंने इसे अपने वकीलों को सौंप दिया था, ताकि जरूरत पड़ने पर यह उनके बचाव में इस्तेमाल हो सके।

टाइमलाइन में सामने आए घटनाक्रम

  • 27 जुलाई 2019 को, कथित आत्महत्या की कोशिश के कुछ दिन बाद, टारटाग्लियोने ने अपने वकील को इस नोट की जानकारी दी।
  • बाद में दूसरे वकील को यह नोट हासिल करने के लिए कहा गया।
  • शुरुआत में प्रमाणिकता साबित करने की कोशिशें नाकाम रहीं, लेकिन 2019 के अंत या 2020 की शुरुआत में इसे प्रमाणित बताया गया।
  • जज केनेथ करास के आदेश के बाद नोट कोर्ट में जमा कराया गया, हालांकि वकील को इसकी सामग्री याद नहीं रही।
  • बाद में वकीलों के बीच विवाद के चलते इससे जुड़े दस्तावेज़ भी सील कर दिए गए।

सुरक्षा चूक ने बढ़ाए सवाल

एपस्टीन की मौत के बाद मैनहट्टन करेक्शनल सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे थे। जांच में कई खामियां सामने आईं, जिससे इस मामले को लेकर अलग-अलग थ्योरी सामने आने लगीं।

गौरतलब है कि टारटाग्लियोने, जो पहले पुलिस अधिकारी रह चुके हैं, 2023 में चार हत्याओं के मामले में दोषी ठहराए गए और फिलहाल उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्होंने हमेशा एपस्टीन पर हमले के आरोपों से इनकार किया है।