6 जून को होने वाले घल्लूघारा दिवस और ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी को देखते हुए अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से व्यापक सुरक्षा प्लान लागू किया है, जिसके तहत शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और निगरानी व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है।
सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए पंजाब पुलिस के स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रवीण सिन्हा अमृतसर पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकों में सुरक्षा रणनीति की समीक्षा की और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों और संवेदनशील स्थानों पर किए गए इंतजामों की भी जानकारी ली।
बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए विशेष ग्रिड तैयार किया गया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) समेत केंद्रीय सुरक्षा बलों की 11 कंपनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 30 वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा ड्यूटी पर लगाए गए हैं।
शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, होटल, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा जांच को और सख्त किया गया है। आने-जाने वाले वाहनों की जांच के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी फोकस
प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बड़ी संख्या में लोगों के अमृतसर पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा के नाम पर आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
सीमा से सटे क्षेत्र होने के कारण विशेष सतर्कता
स्पेशल डीजीपी प्रवीण सिन्हा ने कहा कि अमृतसर का भौगोलिक महत्व और अंतरराष्ट्रीय सीमा से निकटता इसे सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बनाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर भी सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया गया है।
अफवाहों और भड़काऊ गतिविधियों पर नजर
पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी विशेष निगरानी शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाह फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल और इंटेलिजेंस यूनिट्स को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
शांति बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता
पंजाब पुलिस का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य सभी धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न करवाना है। सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है और हर स्थिति से निपटने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रशासन को भरोसा है कि कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच 6 जून से जुड़े सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होंगे।




