आजकल खाने-पीने की चीजों को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। खासतौर पर फल और सब्जियों में इस्तेमाल हो रहे कीटनाशकों (पेस्टिसाइड्स) को लेकर डर का माहौल है। हाल में सामने आई एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में संकेत मिला है कि जिन क्षेत्रों में कीटनाशकों का अधिक उपयोग होता है, वहां कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा काफी ज्यादा देखा गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रोजमर्रा के खाने से भी यह खतरा बढ़ सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, कीटनाशकों का प्रभाव हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। सबसे ज्यादा जोखिम उन लोगों को होता है जो सीधे इनके संपर्क में रहते हैं, जैसे किसान या खेतों में काम करने वाले मजदूर। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से ल्यूकेमिया और लिंफोमा जैसे कैंसर के मामले सामने आए हैं। वहीं, आम लोगों में जो केवल भोजन के जरिए इनके संपर्क में आते हैं, उनमें जोखिम अपेक्षाकृत कम माना जाता है, लेकिन इसे पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।
पुराने समय में इस्तेमाल होने वाले कुछ कीटनाशक जैसे डीडीटी अब प्रतिबंधित हो चुके हैं, क्योंकि ये लंबे समय तक मिट्टी और पर्यावरण में बने रहते थे। इनका असर फसलों के जरिए शरीर तक पहुंच सकता था और इससे ब्रेस्ट कैंसर व अन्य हार्मोन से जुड़े कैंसर का खतरा बढ़ सकता था। हालांकि, वर्तमान में उपयोग हो रहे नए कीटनाशकों की उम्र कम होती है और वे कुछ दिनों में ही टूट जाते हैं। फिर भी, इनके लगातार सेवन से हल्का जोखिम बना रह सकता है।
अच्छी बात यह है कि कुछ आसान तरीकों से इनका असर काफी हद तक कम किया जा सकता है। फल और सब्जियों को हमेशा बहते पानी में अच्छी तरह रगड़कर धोना चाहिए। सिर्फ भिगोना पर्याप्त नहीं होता। पत्तेदार सब्जियों को अलग-अलग पत्तों में साफ करना जरूरी है और गोभी जैसी सब्जियों की ऊपरी परत निकाल देना बेहतर रहता है।
इसके अलावा, नमक मिले पानी में कुछ मिनट तक सब्जियों को रखने के बाद धोना भी फायदेमंद माना जाता है। बेकिंग सोडा का हल्का घोल भी कीटनाशकों को हटाने में मदद कर सकता है। जहां संभव हो, फलों का छिलका उतारकर खाना सुरक्षित रहता है, क्योंकि अधिकतर केमिकल बाहरी सतह पर ही होते हैं।
मौसमी फल और सब्जियां चुनना भी एक समझदारी भरा कदम है, क्योंकि बेमौसम फसलों में अक्सर ज्यादा कीटनाशक इस्तेमाल किए जाते हैं। साथ ही, घर पर छोटी-सी किचन गार्डनिंग शुरू करके भी आप ताजा और सुरक्षित भोजन पा सकते हैं।
आखिरकार, पूरी तरह डरने के बजाय जागरूक रहना ज्यादा जरूरी है। सही तरीके अपनाकर आप अपने खाने को काफी हद तक सुरक्षित बना सकते हैं।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में बदलाव से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
(Photo : AI Generated)




