चित्रकूट, जहां भगवान राम अपने 14 साल के वनवास के दौरान सबसे ज्यादा यहां रहे। मान्यता है, लंका पर विजय हासिल करने के बाद प्रभु श्रीराम ने चित्रकूट में आकर दीपदान किया था। इसी उपलक्ष्य में यहां 5 दिन का मेला लगता है। यहां पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। देशभर से 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कामदगिरि की परिक्रमा करते हैं और मंदाकिनी तट पर पहुंचते हैं। लोग सती अनुसुइया, हनुमान धारा और सीता रसोई जैसे पौराणिक स्थलों के दर्शन भी करते हैं। जहां भगवान राम, माता सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ रुके। लोगों की श्रद्धा उन जगहों के साथ आज भी जुड़ी है। देखें VIDEO… चित्रकूट, जहां भगवान राम अपने 14 साल के वनवास के दौरान सबसे ज्यादा यहां रहे। मान्यता है, लंका पर विजय हासिल करने के बाद प्रभु श्रीराम ने चित्रकूट में आकर दीपदान किया था। इसी उपलक्ष्य में यहां 5 दिन का मेला लगता है। यहां पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। देशभर से 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कामदगिरि की परिक्रमा करते हैं और मंदाकिनी तट पर पहुंचते हैं। लोग सती अनुसुइया, हनुमान धारा और सीता रसोई जैसे पौराणिक स्थलों के दर्शन भी करते हैं। जहां भगवान राम, माता सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ रुके। लोगों की श्रद्धा उन जगहों के साथ आज भी जुड़ी है। देखें VIDEO… उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
Related Posts

BJP पंजाब एससी विंग के वित्त सचिव अमरजीत सिंह कोकरी कलां ‘आप’ में शामिल
पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (आप) को उस समय मजबूती मिली जब भाजपा एससी विंग के पूर्व प्रदेश…
आपकी पाई-पाई का पूरा हिसाब! ‘Mission Chardikala’ के साथ Mann Government ने रखी Transparency की नई नींव
पंजाब इस समय भयंकर बाढ़ की मार झेल रहा है। फसलों से लेकर घरों तक, हर जगह नुकसान हुआ है…

Himachal Pradesh University में बड़ा फैसला, नौकरी के साथ अब पार्ट टाइम पीएचडी का विकल्प
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने शोध के क्षेत्र में लचीलापन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने…
