जून में फ्रांस-स्लोवाकिया जाएंगे पीएम मोदी, जी7 मंच पर वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा

जून में फ्रांस-स्लोवाकिया जाएंगे पीएम मोदी, जी7 मंच पर वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने यूरोप दौरे पर रवाना होंगे, जहां वह पहले फ्रांस में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और इसके बाद स्लोवाकिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह दौरा भारत के लिए कूटनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।

फ्रांस के एवियां-ले-बैंस शहर में 15 से 17 जून के बीच जी7 समिट आयोजित की जाएगी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी को विशेष आमंत्रित नेता के रूप में बुलाया है। भारत पिछले कई वर्षों से लगातार जी7 बैठकों में शामिल होता आ रहा है और इसकी शुरुआत 2019 में फ्रांस की पहल से हुई थी।

सम्मेलन के दौरान दुनिया से जुड़े कई बड़े विषयों पर मंथन होने की उम्मीद है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु संकट, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, वैश्विक व्यापार विवाद और यूक्रेन समेत पश्चिम एशिया की स्थिति शामिल रह सकती है।

जी7 समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मौजूदगी भी तय मानी जा रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रम्प और मोदी के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक होगी या नहीं। दोनों नेताओं की आखिरी आमने-सामने मुलाकात फरवरी 2025 में हुई थी, जबकि उसके बाद कई बार फोन पर बातचीत हो चुकी है।

फ्रांस यात्रा खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया पहुंचेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला आधिकारिक स्लोवाकिया दौरा होगा। भारत और स्लोवाकिया ने 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और तब से दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं।

हाल ही में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी भारत आए थे, जहां उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात भी की थी। दोनों देशों के बीच व्यापार का आंकड़ा अब 1.3 अरब यूरो से अधिक पहुंच चुका है।

ऑटोमोबाइल, रक्षा, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, अंतरिक्ष तकनीक, परमाणु ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत और स्लोवाकिया सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। स्लोवाकिया को यूरोप का “डेट्रॉइट” भी कहा जाता है, क्योंकि वहां हर साल लगभग 10 लाख वाहनों का निर्माण होता है। फॉक्सवैगन, किया, स्टेलेंटिस और जगुआर लैंड रोवर जैसी कंपनियों की बड़ी यूनिट्स वहां मौजूद हैं।