चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से फैल रहे प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। कचरा निपटान में लापरवाही के आरोपों पर ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
यह मामला एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर सामने आया, जिसमें डंपिंग साइट से निकलने वाले प्रदूषकों को आम लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बताया गया था। इस पर सुनवाई प्रकाश श्रीवास्तव और डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने की।
सुनवाई के दौरान नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि साइट पर कई सुधारात्मक कार्य किए जा चुके हैं। इनमें बाउंड्री वॉल की मरम्मत, लीचेट नियंत्रण के लिए आरसीसी नालियों का निर्माण और पुराने कचरे के बायोरिमेडिएशन का अंतिम चरण शामिल है। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि शेष कचरे का निस्तारण 30 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा।
हालांकि, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के निरीक्षण में कई गंभीर कमियां उजागर हुई हैं। इनमें लीचेट के सही प्रबंधन का अभाव, निगरानी तंत्र की कमी, आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना का न होना और डंपिंग साइट पर ताजा कचरे का लगातार डाला जाना शामिल है।
इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए NGT ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर शपथपत्र के जरिए सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब दाखिल करे। साथ ही, बचे हुए कचरे के निस्तारण की ताजा स्थिति भी रिपोर्ट में पेश करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।



