तेल नीति को लेकर केंद्र पर AAP का हमला: कुलदीप धालीवाल बोले- विदेशी दबाव में लिए जा रहे फैसलों से बढ़ेगा महंगाई का बोझ

तेल नीति को लेकर केंद्र पर AAP का हमला: कुलदीप धालीवाल बोले- विदेशी दबाव में लिए जा रहे फैसलों से बढ़ेगा महंगाई का बोझ

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप धालीवाल ने केंद्र सरकार की ऊर्जा और विदेश नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते भारत की तेल खरीद नीति में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं, जिनका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था, किसानों और आम जनता पर पड़ेगा।

धालीवाल ने दावा किया कि हाल के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा समझौतों के बाद भारत द्वारा रूस से होने वाली सस्ते कच्चे तेल की खरीद में भारी कमी आई है। उनका कहना है कि पहले भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा रियायती दरों पर रूस से खरीद रहा था, लेकिन अब अमेरिका और उसके सहयोगी देशों से महंगे दामों पर तेल आयात करना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है। धालीवाल ने कहा कि हाल के दिनों में सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी आने वाले समय में ईंधन महंगा होने के संकेत हैं। उनके अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगे दामों पर तेल आयात जारी रहा तो इसका असर परिवहन, खेती और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देगा।

कुलदीप धालीवाल ने कहा कि पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन सकती है। उन्होंने कहा कि धान की बुआई का सीजन नजदीक है और इस दौरान किसानों को सिंचाई व कृषि मशीनरी के लिए बड़ी मात्रा में डीजल की जरूरत होती है। ऐसे में यदि तेल महंगा हुआ तो खेती की लागत और बढ़ जाएगी।

उन्होंने केंद्र सरकार पर किसान हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारियों और किसानों पर पड़ेगा। धालीवाल ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लिए जा रहे फैसलों का असर देश के अंदर आर्थिक दबाव के रूप में दिखाई दे रहा है।

AAP नेता ने केंद्र सरकार से ऊर्जा नीति और तेल आयात से जुड़े फैसलों पर पारदर्शिता बरतने की मांग की। उनका कहना था कि जनता को यह बताया जाना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों और व्यापारिक दबावों का देश की ऊर्जा कीमतों पर क्या असर पड़ रहा है।

इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में ऊर्जा कीमतों और केंद्र की आर्थिक नीतियों को लेकर बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। विपक्षी दल लगातार महंगाई और ईंधन कीमतों को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत में ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश की जा रही है।