महेंद्रगढ़ के नारनौल में नेशनल हाईवे-148 बी पर गांव मंढाना के पास रविवार सुबह एक चलते डंपर में अचानक आग लग गई। पुलिस के अनुसार, डंपर की वायरिंग में आई खराबी के चलते कैबिन में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी की वजह से आग लगी। इससे कैबिन पूरा जल गया। सड़क पर तेज धुएं का गुबार उठते ही आसपास के वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तथा पुलिस मौके पर पहुंची। टीम ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग लगते ही कैबिन से ड्राइवर व खलासी कूद गए। जिसके कारण इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक को काफी नुकसान पहुंचा है। उदयपुर से आ रहा था ट्रक झज्जर के झाड़ली प्लांट के लिए रोड़ी लेकर उदयपुर (राजस्थान) से आ रहा था। बताया गया कि ट्रक में लदी रोड़ी सीमेंट मिक्सिंग कार्य में उपयोग की जानी थी। आग लगने की सूचना मिलते ही एनएचएआई की हाईवे पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से हाईवे पर दोनों ओर से करीब 100 मीटर तक वाहनों को रोक दिया गया। शार्ट सर्किट की वजह से लगी आग : एसएचओ थाना सदर के एसएचओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि ट्रक के कैबिन में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। आग लगने पर ड्राइवर व खलासी कूद गए थे। इससे कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। महेंद्रगढ़ के नारनौल में नेशनल हाईवे-148 बी पर गांव मंढाना के पास रविवार सुबह एक चलते डंपर में अचानक आग लग गई। पुलिस के अनुसार, डंपर की वायरिंग में आई खराबी के चलते कैबिन में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी की वजह से आग लगी। इससे कैबिन पूरा जल गया। सड़क पर तेज धुएं का गुबार उठते ही आसपास के वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तथा पुलिस मौके पर पहुंची। टीम ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग लगते ही कैबिन से ड्राइवर व खलासी कूद गए। जिसके कारण इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक को काफी नुकसान पहुंचा है। उदयपुर से आ रहा था ट्रक झज्जर के झाड़ली प्लांट के लिए रोड़ी लेकर उदयपुर (राजस्थान) से आ रहा था। बताया गया कि ट्रक में लदी रोड़ी सीमेंट मिक्सिंग कार्य में उपयोग की जानी थी। आग लगने की सूचना मिलते ही एनएचएआई की हाईवे पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से हाईवे पर दोनों ओर से करीब 100 मीटर तक वाहनों को रोक दिया गया। शार्ट सर्किट की वजह से लगी आग : एसएचओ थाना सदर के एसएचओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि ट्रक के कैबिन में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। आग लगने पर ड्राइवर व खलासी कूद गए थे। इससे कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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गुरुग्राम मेट्रो को लेकर मंत्री की चिट्ठी से फंसा पेंच:राव नरबीर का अंडरग्राउंड बनाने का सुझाव, इससे तीन साल देरी और लागत दोगुना बढ़ेगी
गुरुग्राम मेट्रो को लेकर मंत्री की चिट्ठी से फंसा पेंच:राव नरबीर का अंडरग्राउंड बनाने का सुझाव, इससे तीन साल देरी और लागत दोगुना बढ़ेगी गुरुग्राम में मेट्रो एक्सटेंशन के निर्माण को लेकर अब नया पेंच फंस गया है। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने फेज-2 के तहत सेक्टर-9 से लेकर साइबर सिटी तक की लाइन को अंडरग्राउंड करने के सुझाव के बाद इसके बदलाव को फिलहाल होल्ड पर रख दिया है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) की तकनीकी और वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से प्रोजेक्ट के पूरा होने में करीब तीन साल की देरी का अनुमान है। परियोजना की लागत भी 350 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर से बढ़कर 600-650 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर हो जाएगी। जीएमआरएल अधिकारियों का कहना है कि लागत बढ़ने के साथ-साथ टेंडर, डिजाइन में बदलाव और मंजूरी मिलने में भी देरी हो सकती है। इस प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट की रिपोर्ट प्रदेश सरकार को अंतिम फैसले के लिए सौंपी जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही सरकार यह तय करेगी कि अतिरिक्त लागत को कैसे वहन किया जाए। प्रोजेक्ट के भूमि पूजन के बाद सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने सवाल उठाया था कि प्रोजेक्ट समय पर पूरा न होने के लिए जवाबदेही तय की जाए और जिनकी वजह से देरी हो रही है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। तब राव नरबीर ने दावा किया था कि प्रोजेक्ट समय पर चल रहा है और पहले जो कंफ्यूजन थी, वह दूर हो चुकी है। राव नरबीर की चिट्ठी की 3 अहम बातें.. ये है पूरा प्रोजेक्ट
केंद्र सरकार ने जून 2023 में गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। यह प्रोजेक्ट मिलेनियम सिटी सेंटर और साइबर सिटी के बीच 28.5 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें द्वारका एक्सप्रेसवे तक एक और रास्ता भी शामिल है, जिसके सभी स्टेशन एलिवेटेड होंगे। जीएमआरएल बोर्ड ने गुड़गांव रेलवे स्टेशन तक 1.8 किलोमीटर लंबा एक और रास्ता बनाने की भी मंजूरी दे दी है, ताकि लोगों को आने-जाने में आसानी हो। ये है फेज एक
28 किलोमीटर में 27 मेट्रो स्टेशन होंगे: पहले चरण में सेक्टर नौ तक होगा सिविल वर्क मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.05 किलोमीटर में 27 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन होंगे। पहले चरण में मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर 47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72 ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9, बसई से द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर 101) का निर्माण कार्य शामिल है। पहले चरण में मेट्रो निर्माण का ठेका दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड और रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को दिया गया है। कंपनी को कास्टिंग यार्ड/ बैचिंग प्लांट बनाने के लिए नाहरपुर रूपा गांव (ट्रांसपोर्ट नगर) में करीब पांच हेक्टेयर जमीन अस्थायी तौर पर दी हुई है। कंपनी गर्डर, एलिवेटेड गर्डर समेत अन्य स्ट्रक्चर बनाने के लिए प्लांट स्थापित करेगी। फेज दो का प्रोजेक्ट
सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक 14 मेट्रो स्टेशन होंगे
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