फतेहपुर में पटाखा मार्केट में रविवार दोपहर भीषण आग लग आई। हादसे में करीब 70 दुकानें जल गईं। इस दौरान 3 करोड़ के पटाखे दग गए। इसके अलावा, पटाखा लेने आए लोगों की 50 से ज्यादा बाइकें भी आग की चपेट में आ गई। हादसा दोपहर 12.30 बजे हुआ। दरअसल, शहर में एमजी कॉलेज के ग्राउंड में पटाखा मंडी है। शनिवार को यहां बड़ी संख्या में लोग पटाखे लेने पहुंचे हुए थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान शॉर्ट सर्किट से एक दुकान में आग लग गई। इसके बाद आग बेकाबू हो गई। एक के बाद एक दुकानों में आग लगती चली गई। पटाखे रखे होने के चलते विस्फोट होना शुरू हो गए। हादसे के बाद दो किमी तक धुआं उठता देखा गया। आग लगने से मंडी में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में करीब 6 लोग झुलस गए। इनको एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बालू, बाल्टी से पानी और सिलेंडरों से आग बुझाई गई। दुकानदारों ने बताया- दुकान नंबर 2 से आग लगी। डेढ़ घंटे में 400 से अधिक धमाके हुए। 2 बजे तक धमाके होते रहे। सारी दुकानें जल गईं। चीफ फायर अधिकारी जयवीर सिंह सिंह ने बताया कि आग सबसे पहले एक दुकान में लगी। फिर तेजी से पूरी मंडी में फैल गई। 15-20 मिनट में पूरी मंडी को कवर कर लिया। 65-70 दुकानें पूरी तरह से जल गईं। साथ ही 30 से ज्यादा बाइक-स्कूटी भी जल गईं। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं हैं। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच आग को बुझाया। हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… फतेहपुर में पटाखा मार्केट में रविवार दोपहर भीषण आग लग आई। हादसे में करीब 70 दुकानें जल गईं। इस दौरान 3 करोड़ के पटाखे दग गए। इसके अलावा, पटाखा लेने आए लोगों की 50 से ज्यादा बाइकें भी आग की चपेट में आ गई। हादसा दोपहर 12.30 बजे हुआ। दरअसल, शहर में एमजी कॉलेज के ग्राउंड में पटाखा मंडी है। शनिवार को यहां बड़ी संख्या में लोग पटाखे लेने पहुंचे हुए थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान शॉर्ट सर्किट से एक दुकान में आग लग गई। इसके बाद आग बेकाबू हो गई। एक के बाद एक दुकानों में आग लगती चली गई। पटाखे रखे होने के चलते विस्फोट होना शुरू हो गए। हादसे के बाद दो किमी तक धुआं उठता देखा गया। आग लगने से मंडी में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में करीब 6 लोग झुलस गए। इनको एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बालू, बाल्टी से पानी और सिलेंडरों से आग बुझाई गई। दुकानदारों ने बताया- दुकान नंबर 2 से आग लगी। डेढ़ घंटे में 400 से अधिक धमाके हुए। 2 बजे तक धमाके होते रहे। सारी दुकानें जल गईं। चीफ फायर अधिकारी जयवीर सिंह सिंह ने बताया कि आग सबसे पहले एक दुकान में लगी। फिर तेजी से पूरी मंडी में फैल गई। 15-20 मिनट में पूरी मंडी को कवर कर लिया। 65-70 दुकानें पूरी तरह से जल गईं। साथ ही 30 से ज्यादा बाइक-स्कूटी भी जल गईं। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं हैं। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच आग को बुझाया। हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
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Dehradun News: आपदा प्रभावित लोगों से मिलने सहस्त्रधारा पहुंचे CM धामी, हर संभव मदद का दिलाया भरोसा
Dehradun News: आपदा प्रभावित लोगों से मिलने सहस्त्रधारा पहुंचे CM धामी, हर संभव मदद का दिलाया भरोसा <p style=”text-align: justify;”>देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में सितंबर माह में आई आपदा से उजड़े मजाड़ा और कार्लीगाड़ गांवों के लोगों के बीच सोमवार (20 अक्टूबर) को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे. पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित परिवारों के साथ दिवाली मनाई और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने कहा कि सरकार आपदा पीड़ितों के पुनर्वास और मुआवजे के लिए हरसंभव मदद करेगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री के दौरे से पहले रविवार को प्रशासनिक टीमों ने गांव में व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सुरक्षा व स्वागत की तैयारियों को अंतिम रूप दिया था. सीएम धामी ने आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सहस्त्रधारा के मजाड़ा-कार्लीगाड़ बारिश से आई थी आपदा</h3>
<p style=”text-align: justify;”>गौरतलब है कि 15 सितंबर को सहस्त्रधारा मार्ग स्थित मजाड़ा-कार्लीगाड़ गांवों में भारी बारिश के कारण आई आपदा ने तबाही मचा दी थी. भूस्खलन और मलबे की चपेट में आने से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे. मजाड़ा गांव में एक मजदूर सहित स्थानीय युवक अंकित की मौत हो गई थी, जबकि कई लोगों के घर पूरी तरह ढह गए थे. इसके अलावा क्षेत्र में बने कुछ रिसॉर्ट और भवन भी भारी नुकसान की चपेट में आए थे.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>आपदा के एक माह बाद भी हालात जस के तस</h3>
<p style=”text-align: justify;”>आपदा के एक महीने बाद भी गांव में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं. प्रभावित परिवार अब भी अस्थायी आश्रयों में रह रहे हैं और जीवन पटरी पर लौटने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में गांव के लोगों ने इस बार दीपावली न मनाने का निर्णय लिया था. उनका कहना था कि जब पूरा गांव उजड़ चुका है, तो त्योहार का कोई अर्थ नहीं रह गया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>आपदा प्रभावितों के साथ दिवाली मनाएंगे सीएम धामी</h3>
<p style=”text-align: justify;”>लोगों की इस भावनात्मक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया कि वे स्वयं मजाड़ा जाकर ग्रामीणों के साथ दीपावली मनाएंगे. सोमवार को उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की, आपदा राहत कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया और अधिकारियों को तेजी से पुनर्वास कार्य पूरा करने के निर्देश दिए.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सीएम धामी ने कहा कि आपदा ने भले ही भौतिक नुकसान पहुंचाया हो, लेकिन सरकार हर प्रभावित व्यक्ति के जीवन में फिर से उजाला लाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि मजाड़ा और कार्लीगाड़ के लोगों को पुनर्वास योजना के तहत स्थायी आवास और आवश्यक सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएंगी. मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ दीप जलाकर यह संदेश दिया कि प्रदेश सरकार उनकी पीड़ा में पूरी तरह सहभागी है और संकट की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं.</p>

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