हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों की बजाय राजनीतिक प्रचार और आंकड़ों की बाजीगरी में अधिक व्यस्त है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले “व्यवस्था परिवर्तन” का दावा करने वाली कांग्रेस सरकार साढ़े तीन साल बाद भी प्रदेश को कोई नई दिशा देने में असफल रही है।
सराज विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान जयराम ठाकुर ने कहा कि मौजूदा सरकार ने जनहित में नए संस्थान खोलने के बजाय पिछली भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं और संस्थानों को बंद करने का काम किया है। उनका आरोप था कि इससे प्रदेश में विकास की रफ्तार थम गई है और आम जनता को कई स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निकाय चुनावों के परिणामों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने प्रदेश की 25 नगर परिषदों में से 18 और 22 नगर पंचायतों में से 13 पर जीत हासिल कर मजबूत प्रदर्शन किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इन नतीजों से कांग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ा है और मुख्यमंत्री के विरोधी गुट में भी हलचल तेज हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों से पहले सरकार जनता को भ्रमित करने के लिए उपलब्धियों के बढ़ा-चढ़ाकर दावे कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कांग्रेस नेतृत्व को खुश करने के लिए विकास और जनसमर्थन से जुड़े “भ्रामक आंकड़े” पेश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह अलग हैं और जनता सरकार की कार्यशैली से निराश दिखाई दे रही है।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सड़कों और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम फिर करीब है, लेकिन पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में गिरे मलबे को तक पूरी तरह नहीं हटाया जा सका। कई ग्रामीण बस रूट आज भी बंद पड़े हैं, जिसके कारण दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को रोजमर्रा की जरूरत का सामान खुद ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सरकारी संसाधनों का उपयोग केवल कुछ चुनिंदा लोगों और करीबी समूहों तक सीमित होकर रह गया है, जबकि विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों के साथ-साथ कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं के इलाकों की भी अनदेखी की जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इसी असंतोष का असर हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में देखने को मिला, जहां कांग्रेस को कई क्षेत्रों में अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया।

