पंजाब में हाल ही में हुए धमाकों के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जालंधर और अमृतसर में सुरक्षा प्रतिष्ठानों के भीतर हुए विस्फोटों ने जहां सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व आम आदमी पार्टी नेता और वर्तमान भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है।
राघव चड्ढा ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि आखिर वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका को लेकर खुलकर बात करने से क्यों बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सुरक्षा मामलों पर गंभीरता दिखाने के बजाय राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाने में व्यस्त है। चड्ढा ने कहा कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।
“पंजाब की सुरक्षा पर ध्यान दें” — चड्ढा
भाजपा सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पार से पंजाब को अस्थिर करने की कोशिशें पहले भी होती रही हैं और ऐसे मामलों में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राघव चड्ढा ने बयान देते हुए कहा कि पंजाब पहले ही ड्रग्स, गैंगस्टर नेटवर्क और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में संवेदनशील सुरक्षा घटनाओं पर राजनीतिक बयान देने के बजाय निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री मान ने भाजपा पर लगाए आरोप
दूसरी ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन धमाकों के पीछे भाजपा की भूमिका होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब का माहौल खराब करने और लोगों में डर का वातावरण पैदा करने के लिए साजिश रची जा रही है। मान के अनुसार राज्य में हाल की घटनाओं को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और हर घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
जानकारी के अनुसार हाल ही में बीएसएफ के जालंधर स्थित मुख्यालय और अमृतसर के एक सैन्य परिसर में धमाके हुए थे। हालांकि इन घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है।
Indian Army और अन्य केंद्रीय एजेंसियां घटनास्थलों से मिले सबूतों की जांच कर रही हैं। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार तकनीकी जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर धमाकों की प्रकृति और जिम्मेदार तत्वों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
सियासी बयानबाजी से बढ़ी गर्मी
इन घटनाओं के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्ष राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष इसे राजनीतिक साजिश बता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक रूप ले सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में राजनीतिक दलों को संयम बरतने की जरूरत है, क्योंकि सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बयानबाजी लोगों में भ्रम और असुरक्षा की भावना पैदा कर सकती है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच में जुटी हुई हैं।




