हरियाणा सरकार की बड़ी तैयारी: अब हाई सैलरी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को भी मिल सकती है स्थायी सेवा सुरक्षा

हरियाणा सरकार की बड़ी तैयारी: अब हाई सैलरी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को भी मिल सकती है स्थायी सेवा सुरक्षा

Haryana में अनुबंधित कर्मचारियों के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। अब तक कम वेतन वाले संविदा कर्मचारियों तक सीमित सेवा सुरक्षा का दायरा बढ़ाकर उन कर्मचारियों को भी शामिल करने की योजना बनाई जा रही है, जो प्रतिमाह 50 हजार रुपये से अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ऐसे कर्मचारियों की नौकरी को सेवानिवृत्ति आयु तक सुरक्षित करने पर काम कर रही है।

प्रदेश के मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने सभी विभागों, बोर्ड-निगमों और प्राधिकरणों से ऐसे कर्मचारियों का विस्तृत डाटा मांगा है, जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। सभी विभागों को 30 मई तक पात्र कर्मचारियों की जानकारी सरकार को उपलब्ध करवानी होगी।

विभागों को भेजे गए सख्त निर्देश

सरकार ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित प्रारूप में सभी जानकारियां समय पर भेजी जाएं। इसके लिए विशेष ई-मेल आईडी के माध्यम से डाटा एकत्र किया जा रहा है।

मांगी गई जानकारी में संबंधित विभाग का नाम, पद का विवरण, उस पद पर कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों की संख्या, पद स्वीकृत है या नहीं, नियुक्ति प्रक्रिया, मासिक वेतन, कार्य की प्रकृति, अनुबंध अवधि और नियुक्ति के औचित्य जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं।

सरकार का उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन विभागों में लंबे समय से संविदा आधार पर कर्मचारी नियमित प्रकृति का कार्य कर रहे हैं और उन्हें सेवा सुरक्षा देने के लिए क्या प्रशासनिक व्यवस्था की जा सकती है।

सेवा सुरक्षा कानून के तहत तेज हुई प्रक्रिया

राज्य सरकार पहले ही Haryana Contractual Employees (Security of Service) Act, 2024 लागू कर चुकी है। इसके तहत पात्र अनुबंध कर्मचारियों को नौकरी सुरक्षा देने की प्रक्रिया जारी है। अब सरकार ने आवेदन सत्यापन की समय-सीमा भी बढ़ा दी है, क्योंकि बड़ी संख्या में आवेदन लंबित पड़े हुए हैं।

सरकारी पोर्टल securedemployee.csharyana.gov.in पर हजारों आवेदन अभी भी विभिन्न विभागों के डीडीओ स्तर पर सत्यापन के इंतजार में हैं। इसे देखते हुए सरकार ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।

15 जून तक जारी हो सकते हैं ऑफर लेटर

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित डीडीओ 15 मई तक कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। इसके बाद वित्त विभाग पात्र कर्मचारियों के लिए सुपरन्यूमरेरी पदों का सृजन करेगा।

अंतिम चरण में विभागाध्यक्ष पात्र कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करते हुए 15 जून तक अंतिम स्वीकृति देंगे और ऑफर लेटर जारी किए जाएंगे। इससे हजारों अनुबंध कर्मचारियों को भविष्य की नौकरी को लेकर स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद

सरकार की इस पहल को संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से अनुबंध आधार पर काम कर रहे कर्मचारी नौकरी की अनिश्चितता, अनुबंध नवीनीकरण और सेवा समाप्ति के डर से जूझते रहे हैं। अब यदि उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी सेवा सुरक्षा का लाभ मिलता है तो इसका दायरा काफी बड़ा हो जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी और अनुभवी कर्मचारियों को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। हालांकि विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार की नीति और वित्तीय प्रभाव को लेकर सवाल उठा सकते हैं।

फिलहाल सरकारी विभागों में डाटा जुटाने और पात्र कर्मचारियों की पहचान का काम तेज हो गया है। आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि कितने कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा।