पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल धीरे-धीरे गर्माने लगा है। इसी बीच दो दिवसीय पंजाब दौरे पर पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि राज्य में आम आदमी पार्टी के पक्ष में मजबूत माहौल बना हुआ है और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी पिछली जीत का रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सरकार के कुछ वर्षों बाद जनता में नाराजगी देखने को मिलती है, लेकिन पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार को लेकर “प्रो-इनकम्बेंसी” का माहौल दिखाई दे रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल ने कहा कि अगले दो दिनों में पार्टी की वरिष्ठ नेतृत्व टीम के साथ चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों से उन्हें लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और जनता सरकार के कामों से संतुष्ट नजर आ रही है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोगों के बीच सबसे अधिक चर्चा मुफ्त बिजली, किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने, स्वास्थ्य बीमा योजनाओं और सड़क नेटवर्क में सुधार को लेकर हो रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बड़े स्तर पर सड़क निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, गांवों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और किसानों को अब दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती से जुड़ी परेशानियां कम हुई हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के तहत लाखों परिवारों को चिकित्सा सुरक्षा का लाभ मिल रहा है और जल्द ही महिलाओं के खातों में हर महीने एक-एक हजार रुपये भेजने की योजना भी शुरू की जाएगी। केजरीवाल के अनुसार, इस तरह की योजनाओं ने आम लोगों के जीवन पर सीधा प्रभाव डाला है और इसी कारण जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल व्यक्तिगत टिप्पणियों और बयानबाजी तक सीमित हो गया है, जबकि जनता विकास कार्यों और सुविधाओं के आधार पर सरकार का आकलन कर रही है।
भगवंत सिंह मान सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए केजरीवाल ने कहा कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनावों में जनता इन्हीं कार्यों के आधार पर दोबारा आम आदमी पार्टी को मजबूत समर्थन देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी अपनी सरकार की उपलब्धियों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं विपक्ष सरकार के दावों और जमीनी हालात के बीच अंतर को मुद्दा बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है।




