सुनील जाखड़ ने पंजाब में कानून व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अरविंद केजरीवाल को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब को किसी भी हालत में पश्चिम बंगाल जैसी राजनीतिक हिंसा की राह पर नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेता विरोध प्रदर्शन की आड़ में राजनीतिक दबाव और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ देख रही है और राज्य में राजनीतिक मर्यादाओं को तोड़ने की कोशिशों को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने बलाचौर में हुई घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए विधायक Sukhwinder Sukhi ने समर्थकों के साथ भाजपा कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की। जाखड़ ने दावा किया कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जिससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबंगई के खिलाफ आवाज उठाने वाली आम आदमी पार्टी अब खुद उसी रास्ते पर चल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का नैतिक स्तर लगातार गिरता जा रहा है और अब भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार और संसाधनों की कथित लूट के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और जो लोग अब तक पर्दे के पीछे हैं, वे भी जांच के दायरे में आएंगे। उन्होंने पंजाब पुलिस से मांग की कि हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं पर तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध शालीनता और संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए, न कि हिंसा और डराने-धमकाने के जरिए।
जाखड़ ने लुधियाना और अन्य क्षेत्रों से भी इसी तरह की शिकायतें मिलने का दावा किया और कहा कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो इससे राज्य का राजनीतिक माहौल और खराब हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेता सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर विरोधियों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।




