चंडीगढ़ में आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे पर केंद्र सख्त, प्रशासन से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

चंडीगढ़ में आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे पर केंद्र सख्त, प्रशासन से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े मामलों ने अब केंद्र सरकार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कर्मचारियों के वेतन, सेवा शर्तों और श्रम कानूनों के पालन को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद गृह मंत्रालय ने प्रशासन से जवाब तलब किया है। मंत्रालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) पर दर्ज कई शिकायतों के आधार पर गृह मंत्रालय ने 4 जून 2026 को चंडीगढ़ प्रशासन को पत्र भेजा। पत्र में मुख्य सचिव को शिकायतों की समीक्षा कर संबंधित विभागों से रिपोर्ट लेने और नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शिकायतों में प्रमुख रूप से सरकारी संस्थानों में लंबे समय से आउटसोर्स आधार पर कार्य कर रहे कर्मचारियों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जीएमसीएच-32 से जुड़ी शिकायत में कहा गया है कि कई कर्मचारी पिछले एक दशक से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। शिकायतकर्ताओं ने ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ के सिद्धांत को लागू करने और लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के मामलों पर विचार करने की मांग की है।

वहीं उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित शिकायत में आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किए जाने का मुद्दा उठाया गया है। आरोप है कि कुछ संस्थानों में ठेका प्रक्रिया से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया गया और कर्मचारियों के रोजगार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा अवकाश अवधि के दौरान वेतन भुगतान और सेवा निरंतरता जैसे विषय भी शिकायत का हिस्सा बने हैं।

श्रम कानूनों के पालन को लेकर भी कई सवाल उठाए गए हैं। कुछ शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा, जबकि ईपीएफ और ईएसआई जैसी वैधानिक सुविधाओं को लेकर भी अनियमितताओं की बात कही गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि इन योजनाओं में समय पर अंशदान जमा नहीं किया जाता तो उनके सामाजिक सुरक्षा अधिकार प्रभावित होते हैं।

मामले के केंद्र तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि गृह मंत्रालय द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के बाद संबंधित विभागों को शिकायतों के प्रत्येक बिंदु पर जवाब देना पड़ सकता है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई भी संभव है।

आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे पिछले कई वर्षों से चर्चा में रहे हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठन लगातार नियमितीकरण, समान वेतन और श्रम कानूनों के सख्त पालन की मांग उठाते रहे हैं। ऐसे में गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप को कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें चंडीगढ़ प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में उठाए गए मुद्दों का समाधान किस प्रकार किया जाता है।