मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना बनी लाखों पंजाबियों का सहारा, हड्डी और जोड़ों के इलाज पर 84 करोड़ खर्च

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना बनी लाखों पंजाबियों का सहारा, हड्डी और जोड़ों के इलाज पर 84 करोड़ खर्च

पंजाब में हड्डियों, जोड़ों और दुर्घटनाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। योजना के तहत अब तक लाखों लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल चुकी है, जबकि ऑर्थोपेडिक उपचारों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इससे न केवल मरीजों को महंगे इलाज से राहत मिली है, बल्कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच भी मजबूत हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार योजना के अंतर्गत अब तक 45 लाख से अधिक लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें सबसे अधिक लाभार्थी लुधियाना और पटियाला जिलों से हैं। योजना के जरिए मरीजों को घुटना प्रत्यारोपण, कूल्हे की सर्जरी, फ्रैक्चर फिक्सेशन, लिगामेंट रिपेयर और अन्य जटिल ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाओं का कैशलेस लाभ मिल रहा है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार केवल हड्डियों, जोड़ों और ट्रॉमा संबंधी उपचारों पर ही 84 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती उम्र, जीवनशैली में बदलाव, सड़क दुर्घटनाओं और कार्यस्थलों पर होने वाली चोटों के कारण ऐसे मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। पहले जहां महंगे ऑपरेशन और इम्प्लांट्स आम परिवारों की पहुंच से बाहर होते थे, वहीं अब सरकारी सहायता के कारण हजारों मरीजों को समय पर इलाज मिल रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि घुटनों और कूल्हों से जुड़ी समस्याएं बुजुर्ग आबादी में तेजी से बढ़ रही हैं। इसके अलावा खेल गतिविधियों, औद्योगिक क्षेत्रों और सड़क हादसों से संबंधित चोटों के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे मरीजों को अक्सर लंबे समय तक उपचार, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास की जरूरत पड़ती है, जिससे परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है।

पटियाला जिले के निकट रहने वाले 43 वर्षीय गुलशन तनेजा इसका एक उदाहरण हैं। फैक्ट्री में कार्य के दौरान हुए हादसे में उनके घुटने का लिगामेंट क्षतिग्रस्त हो गया था। चोट के बाद उनके लिए सामान्य रूप से चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया था। लगातार दर्द, सूजन और अस्थिरता के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था। उन्हें राजिंदरा अस्पताल पटियाला में भर्ती किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सफल उपचार किया।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत उनका लगभग 87 हजार रुपये का इलाज पूरी तरह कैशलेस हुआ। उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वे धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यह सुविधा न होती तो इलाज का खर्च उनके परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता था।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि ऑर्थोपेडिक रोगों का बढ़ता बोझ स्वास्थ्य प्रणाली के लिए नई चुनौतियां लेकर आया है, लेकिन सरकार आधुनिक सर्जिकल सुविधाओं और विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार कर रही है ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से हजारों लोगों को घुटना प्रत्यारोपण, कूल्हे की सर्जरी और ट्रॉमा उपचार जैसी महंगी स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे न केवल मरीजों की गतिशीलता वापस लौट रही है, बल्कि उनकी जीवन गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि राज्य के अधिक से अधिक नागरिक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकें। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति किसी भी व्यक्ति के इलाज में बाधा न बने और हर जरूरतमंद तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।