हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है। यह उनका लगातार तीसरा कार्यकाल होगा और इस बार भी उनका चयन सर्वसम्मति से किया गया। सदन में विभिन्न दलों के सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर राघव चड्ढा ने भी अपनी बात रखते हुए उन्हें बधाई दी, साथ ही अपनी पार्टी आम आदमी पार्टी पर हल्का कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल सदन में उनकी पार्टी के नेता और उपनेता मौजूद नहीं हैं, जबकि उन्हें हाल ही में उपनेता पद से हटाया गया है, लेकिन वे खुद सदन में उपस्थित हैं।
चड्ढा ने अपने संबोधन में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनका और हरिवंश जी का रिश्ता कभी सख्त तो कभी सौहार्दपूर्ण रहता है। जब वे विषय से भटकते हैं तो उन्हें टोक दिया जाता है, और जब मुद्दे पर सटीक बोलते हैं तो सराहना मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे उनका यह रिश्ता और बेहतर होगा।
उन्होंने उपसभापति से यह भी आग्रह किया कि बोलने का समय खत्म होने के बाद यदि कुछ अतिरिक्त मिनट मिल जाएं तो वे अपनी बात और प्रभावी ढंग से रख सकेंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि हरिवंश के कार्यकाल में शून्यकाल के दौरान अधिक सांसदों को बोलने का अवसर मिल रहा है, जो एक सकारात्मक बदलाव है।
अंत में, उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से हरिवंश नारायण सिंह को उनके नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।




