सिरसा के डबवाली के चौटाला रोड पर रविवार देर रात एक शराबी पिकअप चालक ने भीषण हादसा कर दिया। एनएच-54 पर हुई इस घटना में पिकअप ने पहले एक खड़ी कार को टक्कर मारी, फिर उसे घसीटते हुए रेनबो अस्पताल की दीवार तोड़ दी और अंत में एक ट्रांसफार्मर के पोल से जा टकराई। यह हादसा रात करीब 11:09 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रांसफॉर्मर नीचे गिर गया, जिसकी तेज आवाज से आसपास के लोग सहम गए। पिकअप चालक की पहचान हनुमानगढ़, राजस्थान के गांव सिलबाला खुर्द निवासी संदीप सिंह के रूप में हुई है। वह गाड़ियों की बैटरियां लेकर पंजाब के बुढलाड़ा जा रहा था। कार को कई मीटर घसीटा, अस्पताल की दीवार तोड़ी चालक संदीप सिंह ने बताया कि उसे समझ नहीं आया कि गाड़ी कैसे अनियंत्रित हुई। पिकअप ने पहले गांव डबवाली निवासी प्रदीप सिंह की अस्पताल के बाहर खड़ी रिट्ज कार को टक्कर मारकर बुरी तरह घसीटा, उसे उल्टी दिशा में घुमाया और फिर अस्पताल की दीवार तोड़ते हुए ट्रांसफॉर्मर के पोल से टकरा गई। कार में नहीं बैठा था कोई हादसे के तुरंत बाद डॉ. सुखविंदर सिंह, अस्पताल स्टाफ और मरीज बाहर आ गए। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी और पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त रिट्ज कार में कोई नहीं था और चौटाला रोड पर भी वाहनों की आवाजाही कम थी, जिससे कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। सिरसा के डबवाली के चौटाला रोड पर रविवार देर रात एक शराबी पिकअप चालक ने भीषण हादसा कर दिया। एनएच-54 पर हुई इस घटना में पिकअप ने पहले एक खड़ी कार को टक्कर मारी, फिर उसे घसीटते हुए रेनबो अस्पताल की दीवार तोड़ दी और अंत में एक ट्रांसफार्मर के पोल से जा टकराई। यह हादसा रात करीब 11:09 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रांसफॉर्मर नीचे गिर गया, जिसकी तेज आवाज से आसपास के लोग सहम गए। पिकअप चालक की पहचान हनुमानगढ़, राजस्थान के गांव सिलबाला खुर्द निवासी संदीप सिंह के रूप में हुई है। वह गाड़ियों की बैटरियां लेकर पंजाब के बुढलाड़ा जा रहा था। कार को कई मीटर घसीटा, अस्पताल की दीवार तोड़ी चालक संदीप सिंह ने बताया कि उसे समझ नहीं आया कि गाड़ी कैसे अनियंत्रित हुई। पिकअप ने पहले गांव डबवाली निवासी प्रदीप सिंह की अस्पताल के बाहर खड़ी रिट्ज कार को टक्कर मारकर बुरी तरह घसीटा, उसे उल्टी दिशा में घुमाया और फिर अस्पताल की दीवार तोड़ते हुए ट्रांसफॉर्मर के पोल से टकरा गई। कार में नहीं बैठा था कोई हादसे के तुरंत बाद डॉ. सुखविंदर सिंह, अस्पताल स्टाफ और मरीज बाहर आ गए। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी और पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त रिट्ज कार में कोई नहीं था और चौटाला रोड पर भी वाहनों की आवाजाही कम थी, जिससे कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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खाटू श्याम मंदिर में मिले BJP नेता:हरियाणा CM को नोट लिख लापता हो गए थे; पार्टी राष्ट्रीय सचिव के लिए लिखा- कान के कच्चे हरियाणा में झज्जर के लापता भाजपा जिला पार्षद संजय जांगड़ा खाटू श्याम मंदिर में मिल गए। झज्जर पुलिस सोमवार देर रात उन्हें लेकर पहुंची। साल्हावास थाने के SHO हरेश कुमार ने बताया कि इसमें राजस्थान पुलिस भी सहयोग लिया गया। संजय जांगड़ा सीएम नायब सिंह सैनी के नाम 7 पन्ने का एक नोट छोड़कर लापता हो गए थे। उन्होंने नोट में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ और झज्जर के जिला परिषद चेयरमैन पर आरोप लगाए कि इन लोगों ने उसके वार्ड में काम नहीं होने दिए। भाजपा पार्षद ने लिखा कि उन्हें लोगों ने अपने काम करवाने के लिए चुना था, लेकिन वह पार्षद होकर भी लोगों के काम नहीं करवा पा रहे। क्योंकि, जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना उसे ग्रांट नहीं देता। वहीं, ओपी धनखड़ कान के कच्चे हैं और हाजिरी लगाने की कहते हैं। नोट के अंत में पार्षद ने लिखा था कि यह उसका अंतिम नमस्कार है। पार्षद ने CM सैनी से विनती है कि ऐसे नेताओं पर कार्रवाई की जाए, जो पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। झज्जर के मुंडाहेड़ा गांव के निवासी वार्ड 13 के पार्षद संजय जांगड़ा का नोट मिलने के बाद उनके सुसाइड की चर्चा होने लगीं। हालांकि, उनके भाई विनय ने पुलिस को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसके बाद उन्हें खोजा गया। भाई की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था
साल्हावास थाने में दी शिकायत में पार्षद के भाई विनय ने बताया था कि संजय जांगड़ा रविवार सुबह गायब हुए। वह घर से किसी थैरेपिस्ट के साथ बाइक पर निकले थे। इसके बाद वह घर नहीं लौटे। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला पार्षदों के पर्सनल वॉट्सऐप पर उनका लिखा हुआ नोट आया। उन नोट में भाजपा के बड़े नेताओं पर आरोप लगाए गए थे। साथ ही अंत में सुसाइड कर जीवन समाप्त करने की बात लिखी हुई थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने छानबीन करते हुए एक दुकान से संजय का मोबाइल बरामद कर लिया। यह मोबाइल दुकान में रखे थैले में पड़ा था। चेयरमैन बोले- हमारे बीच कोई मनमुटाव नहीं
वहीं, जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना ने इन आरोपों पर कहा कि संजय के साथ उनकी कोई मनमुटाव की बात नहीं है। करीब 15 दिन पहले वह मिले थे, लेकिन कोई भी ऐसी बात नहीं हुई। चेयरमैन ने कहा कि कामों की जो बातें सामने आ रही हैं, संजय के वार्ड 13 में करीब 2 करोड़ के काम हो चुके हैं। धनखड़ बोले- संजय का मिलना पूरे भाजपा परिवार के लिए संतोष की बात
जबकि, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि इस घटनाक्रम को लेकर सब स्तब्ध थे। संजय कुमार के मिलने की खबर परिवार व भाजपा परिवार दोनों के लिए संतोषप्रद है। भाजपा एक अनुशासित संगठन है, जहां संवाद से समाधान की कार्य प्रणाली है, हर स्तर पर है। अगर किसी भी कार्यकर्ता को कोई शिकायत है तो वह संगठन में बातचीत से समाधान निकालने जाते हैं। पार्षद ने अपने नोट में ये बातें लिखीं… पार्षद का नोट…
