पंजाब में सेम (जलभराव) की समस्या से जूझ रहे किसानों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पंजाब सरकार ने 201 सेमग्रस्त गांवों में धान की अग्रिम बुवाई की अनुमति दे दी है, जो अगले दो वर्षों तक लागू रहेगी।
इस निर्णय के तहत गुरदासपुर जिले के तीन गांव भी शामिल हैं, जहां करीब 200 एकड़ भूमि जलभराव से प्रभावित है। सामान्य तौर पर राज्य में धान की पनीरी 10 मई से पहले लगाने पर रोक रहती है, ताकि भूजल स्तर को गिरने से बचाया जा सके, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों के लिए नियमों में ढील दी गई है।
स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार, यह फैसला किसानों की मांग पर लिया गया है। डेरा बाबा नानक क्षेत्र के सरपंचों ने सरकार से विशेष राहत की अपील की थी, जिसके बाद यह अनुमति दी गई। अब इन गांवों के किसान अपनी सुविधा के अनुसार वर्ष में कभी भी धान की बुवाई कर सकेंगे।
पिछले वर्ष आई बाढ़ के कारण इन इलाकों में फसलों को भारी नुकसान हुआ था। जलभराव की समस्या के चलते खेती प्रभावित हो रही थी, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था। ऐसे में सरकार के इस फैसले से प्रभावित किसानों में राहत और संतोष का माहौल है।




