हरियाणा के 1300 से ज्यादा स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं सूनी, शिक्षा विभाग ने जताई चिंता

हरियाणा के 1300 से ज्यादा स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं सूनी, शिक्षा विभाग ने जताई चिंता

हरियाणा में सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। राज्य के 1338 स्कूल ऐसे सामने आए हैं, जहां बालवाटिका (नर्सरी) में एक भी बच्चे का दाखिला नहीं हुआ है। इस स्थिति ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

बालवाटिका स्तर को बच्चों की शुरुआती शिक्षा का अहम आधार माना जाता है, जहां उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में कक्षाओं का खाली रहना विभाग के लिए गंभीर विषय बन गया है।

इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि आखिर बच्चों के नामांकन क्यों नहीं हो पाए। विभाग के महानिदेशक खुद भी उन स्कूलों का दौरा करने की तैयारी में हैं, जहां स्थिति सबसे ज्यादा खराब है।

जिला स्तर पर आंकड़ों की बात करें तो यमुनानगर और अंबाला में सबसे अधिक ऐसे स्कूल हैं, जहां बालवाटिकाएं पूरी तरह खाली हैं। इसके अलावा कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ में भी बड़ी संख्या में स्कूलों में बच्चों का नामांकन नहीं हुआ। वहीं, सोनीपत ऐसा जिला है जहां केवल एक स्कूल में ही नामांकन नहीं हो पाया।

सरकार ने पहले शिक्षकों के साथ-साथ पंचायतों, स्कूल प्रबंधन समितियों और स्थानीय निकायों को भी बच्चों को स्कूल तक लाने की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए।

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर स्थिति का आकलन करें। साथ ही स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं जैसे साफ पानी, स्वच्छ शौचालय, मिड-डे मील और स्मार्ट क्लास जैसी व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी।

यदि पिछले सत्र की तुलना में इस बार नामांकन कम पाया गया तो स्कूल प्रमुखों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

(AI Generated फोटो)