हरियाणा ने बढ़ाया ग्रीन ट्रांसपोर्ट की ओर कदम, 1000 इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत से स्वच्छ भविष्य की तैयारी

हरियाणा ने बढ़ाया ग्रीन ट्रांसपोर्ट की ओर कदम, 1000 इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत से स्वच्छ भविष्य की तैयारी

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को लेकर हरियाणा सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से 1000 इलेक्ट्रिक वाहनों को संचालन के लिए रवाना किया गया। इस पहल को हरियाणा सरकार की हरित विकास नीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने इलेक्ट्रिक वाहनों के इस बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बदलते पर्यावरणीय हालात और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था समय की आवश्यकता बन चुकी है। राज्य सरकार इसी दिशा में ठोस कदम उठा रही है ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण मिल सके।

मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि विकास की मुख्य धारा का हिस्सा मानती है। इसी सोच के तहत राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये का ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड राज्य में पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं को नई गति देगा। इस फंड के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को भी सहायता मिलेगी।

राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरित विकास के लक्ष्य को हासिल करने में निजी क्षेत्र की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार और निजी कंपनियों के सहयोग से ऐसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं जो प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी मजबूती देंगी। उन्होंने उद्योग जगत से स्वच्छ तकनीकों को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने की अपील की।

राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को भी तेजी से विकसित कर रही है। इसी कड़ी में रेवाड़ी और पंचकूला में आधुनिक इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग डिपो स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और व्यस्त मार्गों पर चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में लोगों की झिझक कम होगी और पेट्रोल-डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता घटेगी। इससे वायु प्रदूषण कम करने के साथ-साथ ईंधन आयात पर होने वाले खर्च में भी कमी आएगी।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में राज्य लगातार नई पहल कर रहा है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में वृक्षारोपण, जागरूकता रैलियों और पर्यावरण संरक्षण अभियानों का आयोजन किया गया। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को भी लोगों का व्यापक समर्थन मिला। स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

हरियाणा सरकार का मानना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत और हरित परियोजनाओं में निवेश इसी दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं, जो राज्य को स्वच्छ, आधुनिक और टिकाऊ विकास मॉडल की ओर ले जाने में मदद करेंगे।