हरियाणा सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को भी नई प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा प्रबंधन के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल को लागू करने की तैयारी की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों, विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत अस्पताल परिसरों में सुरक्षा प्रबंधन को अधिक पेशेवर और प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था में भी सुधार होगा, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के प्रति अपराध या उत्पीड़न के मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। हाल ही में सामने आए एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी पीड़ित को न्याय मिलने में देरी न हो।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। राज्यभर में 766 नए स्वास्थ्य संस्थान स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। इनमें उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और ब्लॉक स्तर के सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इन संस्थानों के शुरू होने से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने घरों के निकट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन संस्थानों में पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ, आधुनिक उपकरण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
आरती सिंह राव ने बताया कि हृदय रोगों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए राज्य के सैकड़ों स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सुविधा शुरू की जा रही है। इस तकनीक के माध्यम से मरीजों की जांच रिपोर्ट विशेषज्ञ डॉक्टरों तक तुरंत पहुंच सकेगी, जिससे समय रहते उपचार संभव होगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को इसका बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
दवाओं की उपलब्धता को लेकर उन्होंने कहा कि आम लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला अस्पतालों में अमृत फार्मेसी संचालित की जा रही हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रही है कि मरीजों को आवश्यक दवाएं समय पर मिलें और किसी प्रकार की कमी न रहे।
इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। अस्पताल परिसरों में सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियां स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। इससे बिजली खर्च में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि चरखी दादरी में बन रहे नए सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राव तुलाराम के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान भविष्य में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकार का मानना है कि इन पहलों के माध्यम से हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुलभ और जनकेंद्रित बनाया जा सकेगा। आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे ये निवेश प्रदेश के लाखों लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे।



