हिसार में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) और इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (इनसो) से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे ने अब तूल पकड़ लिया है। पार्टी ने इस मामले को लेकर एक तरफ जहां कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया है, वहीं दूसरी ओर बड़े स्तर पर विरोध जताने के लिए महापंचायत बुलाने की घोषणा की है।
पंचकुला में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Ajay Singh Chautala की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री Dushyant Chautala ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि 27 अप्रैल को हिसार के क्रांतिमान पार्क में महापंचायत आयोजित की जाएगी। यह आयोजन पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ सामाजिक विरोध के रूप में होगा।
दुष्यंत चौटाला ने सभी वर्गों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर छात्रों के हित में इस महापंचायत में शामिल हों। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया घटनाक्रम में छात्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हुआ है और पुलिस का रवैया भी अनुचित रहा है। उन्होंने कहा कि जेजेपी इस मामले को लेकर हाईकोर्ट, मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जाति आयोग तक जाएगी।
उन्होंने 17 अप्रैल को Guru Jambheshwar University और हिसार में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस ने बिना वारंट और नोटिस के कार्रवाई की। गिरफ्तारी के दौरान कथित तौर पर बदसलूकी और उपकरणों के साथ छेड़छाड़ भी की गई।
दुष्यंत ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जांच जिन अधिकारियों को सौंपी गई है, वे खुद घटनास्थल पर मौजूद थे, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के बयान लगातार बदल रहे हैं, जिससे संदेह और गहरा रहा है।
इसके अलावा, उन्होंने शिक्षण संस्थानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ संस्थानों में पक्षपातपूर्ण माहौल बन रहा है और अन्य संगठनों को कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हो रही घटनाएं और प्रशासनिक रवैया बेहद चिंताजनक है।
दुष्यंत चौटाला ने यह भी दावा किया कि उन्होंने राज्य के डीजीपी से संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन जवाब नहीं मिला। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर खामियां नजर आ रही हैं।
जेजेपी ने साफ किया है कि वह इस मामले में न्याय के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगी। महापंचायत के जरिए आगे की रणनीति तय की जाएगी।


