15,600 मोबाइल खरीद मामला गरमाया, PSPCL सौदे की ED जांच से बढ़ीं संजीव अरोड़ा की मुश्किलें

15,600 मोबाइल खरीद मामला गरमाया, PSPCL सौदे की ED जांच से बढ़ीं संजीव अरोड़ा की मुश्किलें

पंजाब की बिजली व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा मामला अब जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गया है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) द्वारा हजारों मोबाइल फोन की खरीद को लेकर उठे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस पूरे मामले पर नजरें टिका दी हैं और पूर्व बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं।

जानकारी के अनुसार PSPCL ने दो चरणों में कुल 15,600 मोबाइल फोन खरीदे थे। दावा किया गया था कि ये मोबाइल लाइनमैनों और फील्ड स्टाफ के उपयोग के लिए खरीदे गए हैं, लेकिन अब इस खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और जरूरत पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पहला ऑर्डर 17 अप्रैल को पंचकूला की एक कंपनी को दिया गया था। इस ऑर्डर के तहत 12 हजार मोबाइल फोन खरीदे गए, जिसकी कुल कीमत लगभग 26.16 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसके बाद 14 मई को उसी कंपनी को 3,600 अतिरिक्त मोबाइल फोन खरीदने का दूसरा ऑर्डर करीब 7.84 करोड़ रुपए में जारी किया गया।

बताया जा रहा है कि कर्मचारियों को दिए जाने वाले मोबाइल फोन Samsung A07 मॉडल के हैं। विवाद इस बात को लेकर खड़ा हुआ कि जिन मोबाइलों की खरीद PSPCL ने लगभग 21,800 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से की, वही मॉडल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर करीब 17,500 रुपए में उपलब्ध बताया जा रहा है। कीमतों में इस अंतर को लेकर कर्मचारी संगठनों और विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं।

हालांकि विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन में विशेष मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (MDM) सिस्टम इंस्टॉल किया गया है, जिसकी वजह से कीमत बढ़ी हो सकती है। बावजूद इसके, खरीद प्रक्रिया को लेकर संदेह लगातार गहराता जा रहा है।

इस मामले में PSPCL कर्मचारियों की यूनियनों ने भी खुलकर नाराजगी जताई है। टेक्निकल सर्विस यूनियन के महासचिव हरप्रीत सिंह ने कहा कि विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है और फील्ड स्टाफ के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने सुरक्षा संसाधनों की मांग की थी, लेकिन इसके बजाय करोड़ों रुपए मोबाइल खरीदने पर खर्च कर दिए गए।

वहीं PSEB Engineers Association के महासचिव अजयपाल सिंह अटवाल ने दावा किया कि कई कर्मचारियों ने इन मोबाइल फोन को लेने से भी इनकार कर दिया। उनका कहना है कि विभाग को प्राथमिक जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए था।

सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय अब इस खरीद प्रक्रिया के वित्तीय पहलुओं की भी जांच कर सकता है। बताया जा रहा है कि PSPCL के CMD बसंत गर्ग को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। हालांकि इस मामले पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

गौरतलब है कि ईडी पहले से ही संजीव अरोड़ा से जुड़ी एक कंपनी के खिलाफ करीब 100 करोड़ रुपए के कथित फर्जी GST रिफंड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। इसी मामले में ईडी ने 9 मई को संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अदालत में पेशी के दौरान भावुक दृश्य भी देखने को मिला। कोर्ट परिसर से बाहर आते समय उनकी बेटी अपने पिता को देखकर रो पड़ी और उनसे गले लग गई। इस दौरान संजीव अरोड़ा भी भावुक नजर आए।

अब PSPCL मोबाइल खरीद प्रकरण और पहले से चल रही ईडी जांच के बीच संभावित कड़ियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष इस मामले को बड़े वित्तीय अनियमितता से जोड़कर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।