7 साल का इंतजार खत्म: ट्रिब्यून चौक पर बनेगा मेगा फ्लाईओवर-अंडरपास, चंडीगढ़ में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

7 साल का इंतजार खत्म: ट्रिब्यून चौक पर बनेगा मेगा फ्लाईओवर-अंडरपास, चंडीगढ़ में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

चंडीगढ़वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से अटके ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर और अंडरपास प्रोजेक्ट को आखिरकार केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है। करीब सात वर्षों से चर्चा में चल रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अब धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यूटी इंजीनियरिंग विभाग को आवश्यक मंजूरी देते हुए निर्माण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ द्वारा जारी पत्र में एल-1 कंपनी से अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा कराने की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने पिछले महीने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली थी और सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को अब जल्द ही कार्य आवंटित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार संबंधित कंपनी ने परियोजना की अनुमानित लागत से 31.06 प्रतिशत कम बोली लगाई है।

नियमों के तहत अब कंपनी को सामान्य सिक्योरिटी राशि के अलावा 4 करोड़ 73 लाख 53 हजार 652 रुपये की अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा करनी होगी। इसके बाद प्रशासन की ओर से एलओए यानी लेटर ऑफ अवार्ड जारी किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो सकेगा।

यह परियोजना एनएच-05 पर एनएच (ओ) योजना के अंतर्गत ईपीसी मोड पर विकसित की जाएगी। प्रोजेक्ट में आधुनिक फ्लाईओवर, अंडरपास और रोटरी का निर्माण किया जाएगा, जिससे ट्रिब्यून चौक पर रोजाना लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

करीब 1.6 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर को शहर की सबसे महत्वपूर्ण यातायात परियोजनाओं में माना जा रहा है। ट्रैफिक सर्वे के अनुसार ट्रिब्यून चौक से प्रतिदिन लगभग 1.43 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें 1.35 लाख से अधिक निजी और यात्री वाहन शामिल हैं। पीक ऑवर में यहां लंबा जाम लगना आम बात बन चुकी है, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है।

परियोजना को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जुलाई 2025 में मंजूरी मिल गई थी, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं और तकनीकी औपचारिकताओं के कारण टेंडर प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू हो सकी। अब मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने की तैयारी में जुट गया है।

मंत्रालय ने परियोजना की स्वीकृति की अवधि 31 मई 2026 तक बढ़ा दी है और यूटी इंजीनियरिंग विभाग को प्राथमिकता के आधार पर आगे की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में पत्र की प्रति सीपी डिवीजन नंबर-1 के कार्यकारी अभियंता को भी भेजी गई है।

प्रशासन का लक्ष्य अगले दो वर्षों में इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करना है। माना जा रहा है कि फ्लाईओवर और अंडरपास बनने के बाद चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के बीच सफर पहले से अधिक तेज और सुगम हो जाएगा।