मंडी जिले के चैल चौक बाजार में एक तेज रफ्तार कार ने स्कूली छात्रा को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज रविवार को सामने आया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घायल छात्रा की पहचान वैष्णवी(पुत्री यशु सोनी निवासी गांव टील्ली के रुप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, एक निजी विश्वविद्यालय का छात्र तेज रफ्तार कार में तेज संगीत बजाते हुए चैल चौक बाजार से गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और सड़क पार कर रही छात्रा वैष्णवी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वैष्णवी सड़क पर गिर गई और उसे अंदरूनी चोटें आईं। दोनों पक्षों में हुआ आपसी समझौता घटना के तुरंत बाद, वैष्णवी के पिता, जो चैलचौक बाजार में ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं, उसे उपचार के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज ले गए। कार चालक भी उनके साथ अस्पताल गया, लेकिन कुछ समय बाद वह वहां से फरार हो गया। इसके बाद छात्रा के पिता ने कार चालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद, कार चालक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और माफी मांगी, जिसके बाद मामला आपसी समझौते से सुलझा लिया गया। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छात्रा सड़क के एक किनारे पर खड़ी थी। जैसे ही वह दौड़कर सड़क पार करने की कोशिश करती है, वह तेज रफ्तार कार की चपेट में आ जाती है। मंडी जिले के चैल चौक बाजार में एक तेज रफ्तार कार ने स्कूली छात्रा को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज रविवार को सामने आया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घायल छात्रा की पहचान वैष्णवी(पुत्री यशु सोनी निवासी गांव टील्ली के रुप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, एक निजी विश्वविद्यालय का छात्र तेज रफ्तार कार में तेज संगीत बजाते हुए चैल चौक बाजार से गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और सड़क पार कर रही छात्रा वैष्णवी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वैष्णवी सड़क पर गिर गई और उसे अंदरूनी चोटें आईं। दोनों पक्षों में हुआ आपसी समझौता घटना के तुरंत बाद, वैष्णवी के पिता, जो चैलचौक बाजार में ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं, उसे उपचार के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज ले गए। कार चालक भी उनके साथ अस्पताल गया, लेकिन कुछ समय बाद वह वहां से फरार हो गया। इसके बाद छात्रा के पिता ने कार चालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद, कार चालक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और माफी मांगी, जिसके बाद मामला आपसी समझौते से सुलझा लिया गया। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छात्रा सड़क के एक किनारे पर खड़ी थी। जैसे ही वह दौड़कर सड़क पार करने की कोशिश करती है, वह तेज रफ्तार कार की चपेट में आ जाती है। हिमाचल | दैनिक भास्कर
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धर्मशाला में अधूरी स्ट्रीट लाइट पर 30 लाख खर्च:फिर भी नहीं जगमगा रही सड़कें, 24.92 करोड़ में दिया था 7000 स्ट्रीट लाइट का ठेका आठ साल पहले देश की पहली स्मार्ट सिटी बनने का तमगा पाने वाली धर्मशाला आज भी अधूरी स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और खराब रोशनी की समस्या से जूझ रही है। नगर निगम द्वारा अधूरी एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना में करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद शहर की कई गलियां अभी भी अंधेरे में हैं। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार चंद गुलेरिया ने नगर निगम से प्राप्त जानकारी के आधार पर खुलासा किया कि एलईडी लाइट्स की मरम्मत पर करीब 30 लाख रुपए खर्च किए गए, जबकि इन लाइटों का इंस्टालेशन काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है। चार साल पहले एचपीएल इलेक्ट्रिकल एंड पावर लिमिटेड को 24.92 करोड़ रुपए की लागत से 7000 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का ठेका दिया गया था। इस योजना के तहत 17 वार्डों में नई लाइटें लगाई जानी थीं और 2280 पुरानी लाइटें बदलनी थीं। इनमें से कई लाइटें सेंसर से लैस ‘स्मार्ट लाइट्स’ भी थीं। लेकिन फिलहाल नगर के अधिकांश हिस्से अभी भी अंधेरे में हैं। तय समय पर पूरा नहीं किया गया कार्य नगर निगम की 14 जुलाई 2023 की बैठक में ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए आखिरी मौका दिया गया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है। स्मार्ट सिटी के जीएम इंजीनियर विशाल चौधरी ने स्वीकार किया कि बारिश के कारण लगभग 30 प्रतिशत लाइटें खराब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी केवल पांच वार्डों की लाइट क्वालिटी की जांच की गई है। वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस ने कहा, “हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।” स्थानीय लोगों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जहां लाइटें अभी तक नहीं लगी हैं, वहां मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया कि, जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर किया गया? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है। नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया : पारस वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस का कहना है कि हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।”स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जहां लाइटें लगी ही नहीं हैं, वहां मरम्मत पर लाखों खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया- जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर हुआ? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है।
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रामपुर सेग्रीगेशन पॉइंट पर भीषण आग:लाखों की मशीनें जलकर खाक, किसी चिंगारी से आग लगने की आशंका रामपुर में दिवाली के दिन खोपड़ी गोशाला के पास स्थित नगर परिषद के कूड़ा सेग्रीगेशन पॉइंट पर भीषण आग लग गई। इससे लाखों रुपए की मशीनें और अन्य सामग्री जलकर राख हो गईं। आग लगने के बाद पूरे इलाके में धुआं फैल गया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरिंदर सिंह नेगी और ईओ बीआर नेगी भी घटनास्थल पर पहुंचे। यह सेग्रीगेशन पॉइंट नगर परिषद द्वारा कूड़े की छंटाई और रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग किया जाता था। आग के कारण यहां रखी कई आधुनिक मशीनें पूरी तरह नष्ट हो गईं। एक शटर मशीन को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग संभवतः दिवाली की आतिशबाजी से निकली चिंगारी या किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण लगी होगी। घटना के दौरान आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई और कई घंटों तक धुआं छाया रहा। नगर परिषद के अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं, और ईओ ने आग लगने के सही कारणों की जांच कराने की बात कही है। स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नगर परिषद से ऐसे स्थलों पर अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
