रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी साझा की। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में किया जाएगा।
गौतम सिंघानिया ने अपने संदेश में पिता को दूरदर्शी उद्योगपति और समाजसेवी बताते हुए कहा कि उनकी सोच और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। विजयपत सिंघानिया ने 1980 में रेमंड की कमान संभाली और कंपनी को एक आधुनिक औद्योगिक समूह के रूप में स्थापित किया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने टेक्सटाइल के साथ-साथ इंजीनियरिंग और एविएशन सेक्टर में भी विस्तार किया। 1986 में ‘पार्क एवेन्यू’ जैसे प्रीमियम ब्रांड की शुरुआत की गई, जिसने पुरुषों के फैशन को नई पहचान दी।
रेमंड की स्थापना 1925 में हुई थी और 1958 में मुंबई में पहला रिटेल स्टोर खोला गया। बाद में 1990 में ओमान में पहला अंतरराष्ट्रीय शोरूम खोला गया, जबकि 1996 में कंपनी ने एयर चार्टर सेवा भी शुरू की। विजयपत सिंघानिया अपने साहसिक कारनामों के लिए भी जाने जाते थे। 2005 में उन्होंने 67 वर्ष की उम्र में हॉट एयर बैलून से करीब 69,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले 1988 में वे माइक्रोलाइट विमान से लंदन से दिल्ली तक अकेले उड़ान भर चुके थे।
उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें ‘पद्म भूषण’ और ‘तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। भारतीय वायुसेना ने उन्हें 1994 में मानद एयर कमोडोर की उपाधि भी दी थी। उन्होंने 2015 में कंपनी की जिम्मेदारी अपने बेटे गौतम को सौंप दी थी। इसके बाद पिता-पुत्र के बीच संपत्ति को लेकर विवाद लंबे समय तक सुर्खियों में रहा। 2017 में विजयपत ने आरोप लगाया था कि उन्हें अपने ही घर से बाहर रहना पड़ा।
मार्च 2024 में दोनों के बीच सुलह की खबरें आई थीं, लेकिन कुछ ही दिनों बाद विजयपत ने इन दावों को नकार दिया था। रेमंड आज भी देश का एक प्रमुख मेंसवियर ब्रांड है, जिसने छोटे शहरों तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान कायम रखी है।




