प्रवर्तन निदेशालय के जालंधर जोन में हाल ही में हुए व्यापक प्रशासनिक बदलावों के बाद विभागीय कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है। एक साथ 13 अधिकारियों के तबादले के चलते कई अहम मामलों की निगरानी फिलहाल नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि स्थिति को सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है।
सूत्रों के अनुसार, आम तौर पर एक जोन से सीमित संख्या में अधिकारियों का स्थानांतरण होता है, लेकिन इस बार अलग-अलग पदों पर कार्यरत बड़ी संख्या में अधिकारियों को एक साथ स्थानांतरित किया गया है। इस असामान्य बदलाव ने विभाग के भीतर हलचल पैदा कर दी है।
इनमें कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जिन्होंने हाल ही में जालंधर में अपनी जिम्मेदारी संभाली थी, लेकिन कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उनका तबादला कर दिया गया। इससे प्रशासनिक स्तर पर कई सवाल उठने लगे हैं।
जोन के जॉइंट डायरेक्टर रवि वारी का तबादला चेन्नई कर दिया गया है। उनकी जगह दिनेश पुरुचुरी को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जो फिलहाल दिल्ली से ही जालंधर जोन का कार्यभार संभाल रहे हैं। इस कारण स्थानीय स्तर पर नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही है।
इसके अलावा, मार्च के अंत तक कई अन्य कर्मचारियों को भी विभिन्न शहरों जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और जम्मू में नई तैनाती दी गई है। साथ ही, प्रवर्तन अधिकारियों के स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली में अस्थायी व्यवधान देखने को मिल रहा है।




