पंजाब में सियासी बयानबाजी के बीच विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आम आदमी पार्टी को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने राज्यसभा में कथित अंदरूनी खींचतान को लेकर कहा कि इससे पार्टी की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई है।
बाजवा के मुताबिक, यह मामला किसी विचारधारा का नहीं, बल्कि सत्ता और संसाधनों पर नियंत्रण की होड़ का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर जो कुछ हो रहा है, वह सिद्धांतों का टकराव नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव और आर्थिक हितों की लड़ाई है।
उन्होंने राघव चड्ढा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा कथित गलत गतिविधियों से दूरी बनाने की बात इस विवाद को और गंभीर बनाती है। बाजवा ने कहा कि जब एक ही दल के नेता एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हों, तो स्थिति खुद ही बहुत कुछ स्पष्ट कर देती है।
विपक्ष के नेता ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उनके अनुसार, जनादेश के साथ सौदेबाजी जैसी स्थिति पैदा की जा रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
बाजवा ने निष्कर्ष रूप में कहा कि यह पूरा मामला लंबे समय से चल रही सत्ता और धन की राजनीति को दर्शाता है, जिसमें आम जनता के हित पीछे छूटते नजर आ रहे हैं।




