ईरान-इजराइल टकराव में UAE बना मुख्य निशाना, दुबई-अबूधाबी पर हमलों की वजह आई सामने

ईरान-इजराइल टकराव में UAE बना मुख्य निशाना, दुबई-अबूधाबी पर हमलों की वजह आई सामने

ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर हुए हमलों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान इजराइल ने UAE की सुरक्षा के लिए वहां अपना आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया था। इतना ही नहीं, इस सिस्टम को संभालने के लिए इजराइली सैनिकों की भी तैनाती दुबई और अबूधाबी जैसे अहम शहरों में की गई थी।

जानकारी के अनुसार, यह कदम इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के बीच बातचीत के बाद उठाया गया। इसके साथ ही इजराइली वायुसेना ने दक्षिणी ईरान में मौजूद मिसाइल ठिकानों पर हमले भी किए, ताकि खाड़ी देशों तक पहुंचने से पहले ही खतरे को खत्म किया जा सके।

युद्ध के दौरान UAE सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल रहा। अमीराती अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी के बाद से ईरान ने करीब 550 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें और 2200 से अधिक ड्रोन दागे, जिनमें से कई का निशाना UAE था।

दरअसल, UAE और इजराइल के बीच बढ़ती नजदीकियां इस हमलों की बड़ी वजह मानी जा रही हैं। साल 2020 में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को सामान्य किया था, जिसके बाद सुरक्षा और रक्षा सहयोग भी तेजी से बढ़ा। बताया जा रहा है कि UAE ने अपनी जमीन का इस्तेमाल इजराइल और अमेरिका को ऑपरेशन्स के लिए करने दिया, जिससे वह ईरान के निशाने पर आ गया।

इस बढ़ते तनाव ने एक और बड़ा बदलाव दिखाया, इजराइली सैनिकों की UAE में मौजूदगी। सामान्य हालात में यह कदम राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता, लेकिन युद्ध की स्थिति में इसे जरूरी समझा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र में ताकत के संतुलन को बदल दिया है और आने वाले समय में इस इलाके में इजराइल का प्रभाव और बढ़ सकता है।