अजीब ट्रेंड या खतरनाक खेल? वजन घटाने के नाम पर चीन में ‘प्लास्टिक रैप डाइट’ का चलन

अजीब ट्रेंड या खतरनाक खेल? वजन घटाने के नाम पर चीन में ‘प्लास्टिक रैप डाइट’ का चलन

वजन कम करने की चाह में लोग आजकल नए-नए तरीके आजमा रहे हैं, लेकिन कुछ ट्रेंड ऐसे भी सामने आ रहे हैं जो सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। हाल ही में चीन में एक अनोखा और चिंताजनक तरीका तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें लोग अपने मुंह पर क्लिंग फिल्म (प्लास्टिक रैप) लगाकर खाना चबाते हैं, स्वाद लेते हैं लेकिन उसे निगलते नहीं, बल्कि बाद में बाहर निकाल देते हैं। दावा किया जा रहा है कि इससे दिमाग को संतुष्टि मिलती है और शरीर में कैलोरी नहीं जाती।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे बेहद जोखिम भरा मान रहे हैं। इस प्रक्रिया के दौरान प्लास्टिक के सूक्ष्म कण शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जो पाचन तंत्र, हार्मोन बैलेंस और मांसपेशियों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के शॉर्टकट वजन घटाने का समाधान नहीं, बल्कि सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

इसी बीच योग गुरु स्वामी रामदेव ने वजन को संतुलित रखने के प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके बताए हैं। उनका कहना है कि सबसे पहले हर व्यक्ति को अपने आदर्श वजन के बारे में जानकारी होनी चाहिए। सामान्य तौर पर, आपकी लंबाई (सेंटीमीटर में) के शुरुआती दो अंकों के बराबर वजन को संतुलित माना जाता है। जैसे अगर किसी की लंबाई 167 सेमी है, तो उसका वजन करीब 67 किलो होना उचित है। इससे 10% ज्यादा वजन ओवरवेट और 20% ज्यादा वजन मोटापे की श्रेणी में आता है।

विशेषज्ञों के अनुसार अब मोटापे को केवल लाइफस्टाइल समस्या नहीं, बल्कि एक क्रॉनिक बीमारी के रूप में देखा जा रहा है। इससे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और फैटी लिवर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सूक्ष्म व्यायाम, सूर्य नमस्कार, सर्वांगासन, शीर्षासन और प्राणायाम को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी है।

वजन घटाने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी बताए गए हैं, जैसे अदरक-नींबू की चाय पीना, रात में त्रिफला का सेवन, और दालचीनी को पानी में उबालकर उसमें शहद मिलाकर पीना। ये उपाय मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर वजन कम करने में मदद कर सकते हैं। थायराइड की समस्या के लिए उष्ट्रासन, मत्स्यासन, सर्वांगासन, सिंहासन और उज्जायी प्राणायाम लाभकारी बताए गए हैं। वहीं आयुर्वेदिक उपचार में मुलेठी, तुलसी, अश्वगंधा, त्रिफला, धनिए का रस और एलोवेरा जूस को उपयोगी माना गया है।

हृदय को मजबूत बनाए रखने के लिए अर्जुन की छाल, दालचीनी और तुलसी का काढ़ा पीने की सलाह दी गई है। वहीं शुगर कंट्रोल के लिए खीरा, करेला, गिलोय का काढ़ा और टमाटर का जूस लाभकारी हो सकता है।

कुल मिलाकर, विशेषज्ञों की सलाह यही है कि वजन घटाने के लिए सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना ही समझदारी है, न कि ऐसे खतरनाक ट्रेंड्स के पीछे भागना।