मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच भारत के लिए एक अहम खबर सामने आई है। LPG से लदा एक बड़ा टैंकर ‘एमटी सर्व शक्ति’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर अब भारत की ओर बढ़ रहा है। यह जहाज फिलहाल ओमान की खाड़ी में पहुंच चुका है, जहां भारतीय नौसेना इसकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
करीब 46 हजार टन से अधिक गैस लेकर चल रहा यह जहाज देश की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुमान है कि यह 13 मई तक विशाखापत्तनम बंदरगाह पहुंच सकता है। जहाज पर कुल 20 क्रू मेंबर मौजूद हैं, जिनमें ज्यादातर भारतीय हैं।
अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ लागू की गई समुद्री नाकेबंदी के बाद यह पहला ऐसा जहाज है, जो इस संवेदनशील मार्ग से निकलकर भारत की ओर आ रहा है। हाल के हफ्तों में हालात इतने तनावपूर्ण थे कि कई जहाजों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा था और कुछ अब भी फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं।
इस टैंकर को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने किराये पर लिया हुआ है और यह पहले भी खाड़ी क्षेत्र और भारत के बीच संचालन करता रहा है। सुरक्षा के लिहाज से भारतीय नौसेना ने इसे अपने एस्कॉर्ट में ले लिया है, जिससे संभावित खतरों को कम किया जा सके।
सरकारी एजेंसियां और मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जहाजरानी से जुड़े विभाग, विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर नाविकों की सुरक्षा और जहाजों के संचालन को सुचारू रखने के लिए काम कर रही हैं। अब तक हजारों कॉल और ईमेल के जरिए इस संकट से जुड़ी सहायता प्रदान की जा चुकी है।
गौरतलब है कि इस मार्ग पर हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। कुछ समय पहले एक भारतीय कनेक्शन वाले जहाज पर हमले की खबर भी सामने आई थी, जिससे जोखिम और बढ़ गया था। ऐसे में ‘सर्व शक्ति’ का सुरक्षित आगे बढ़ना भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।



