पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को निशाने पर लेते हुए उसके सैन्य ठिकानों को कमजोर बताया है। उन्होंने कहा कि जिन ठिकानों पर अमेरिका भरोसा करता है, वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सक्षम नहीं हैं, ऐसे में क्षेत्रीय स्थिरता की बात करना बेमानी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिए गए अपने संदेश में खामेनेई ने अमेरिका के सहयोगी देशों पर भी अप्रत्यक्ष हमला बोला। उनका कहना था कि अमेरिकी समर्थन पर निर्भर देश भी सुरक्षित नहीं हैं, क्योंकि खुद अमेरिका की मौजूदगी ही भरोसेमंद नहीं है।
इस बयान के साथ ही खामेनेई ने फारस की खाड़ी को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने इसे केवल एक जल क्षेत्र नहीं, बल्कि इतिहास, पहचान और सभ्यता का प्रतीक बताया। पर्शियन गल्फ डे के मौके पर उन्होंने कहा कि यह इलाका वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और भविष्य में यह क्षेत्र बाहरी शक्तियों से मुक्त होगा।
उन्होंने आगे कहा कि खाड़ी क्षेत्र के देशों की किस्मत आपस में जुड़ी हुई है और दूर बैठे देशों का हस्तक्षेप यहां की स्थिरता को नुकसान पहुंचाता है। उनके मुताबिक आने वाले समय में यह इलाका स्थानीय देशों की तरक्की और शांति का केंद्र बनेगा।
साथ ही, खामेनेई ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी तरह की विरोधी गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि उनकी सैन्य मौजूदगी ने इस क्षेत्र में अस्थिरता को ही बढ़ाया है।
गौरतलब है कि इसी बीच ईरान ने तनाव कम करने के लिए एक नया प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचाया है, जिसे पाकिस्तान के जरिए भेजा गया बताया जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पहल को लेकर सकारात्मक नजर नहीं आ रहे हैं और इसे खारिज करने के संकेत दे चुके हैं।




