पंजाब महिला कांग्रेस में बड़ा बदलाव: 9 दिन में खत्म हुआ अमृतसर जिला महिला प्रधान का कार्यकाल, संगठन भंग होने से बढ़ी राजनीतिक हलचल

पंजाब महिला कांग्रेस में बड़ा बदलाव: 9 दिन में खत्म हुआ अमृतसर जिला महिला प्रधान का कार्यकाल, संगठन भंग होने से बढ़ी राजनीतिक हलचल

Indian National Congress की पंजाब इकाई में बड़े संगठनात्मक बदलावों के बीच अमृतसर महिला कांग्रेस की राजनीति अचानक चर्चा में आ गई है। जिला महिला कांग्रेस प्रधान बनीं रजनी का कार्यकाल महज 9 दिनों में समाप्त हो गया, क्योंकि पार्टी हाईकमान ने पूरे प्रदेश में महिला कांग्रेस की कार्यकारिणी को भंग करने का फैसला ले लिया है। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर नए समीकरणों और आगामी नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार 1 मई को अमृतसर स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रजनी को औपचारिक रूप से जिला महिला कांग्रेस प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में उन्हें संगठन की कमान दी गई थी, लेकिन जिम्मेदारी संभालने के कुछ ही दिनों बाद पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए फैसले ने उनका कार्यकाल समाप्त कर दिया।

अलका लांबा ने 9 मई को आदेश जारी करते हुए पंजाब महिला कांग्रेस की मौजूदा कार्यकारिणी को प्रदेश, जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। आदेश में कहा गया कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन का व्यापक पुनर्गठन किया जाएगा और जल्द ही नई नियुक्तियां घोषित की जाएंगी।

रजनी को यह जिम्मेदारी उस समय सौंपी गई थी जब पूर्व जिला महिला कांग्रेस प्रधान शिवानी शर्मा ने 5 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ा था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने तेजी से निर्णय लेते हुए रजनी को नया जिला प्रधान नियुक्त कर दिया था।

अमृतसर महिला कांग्रेस के इतिहास में यह संभवतः सबसे छोटा कार्यकाल माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इतने कम समय में संगठन भंग होने की घटना ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हैरान कर दिया है। पार्टी से जुड़े कई लोगों का मानना है कि यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को नए सिरे से तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस पंजाब में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और नए चेहरों को मौका देने की दिशा में काम कर रही है। इसी वजह से जिला और ब्लॉक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रजनी की नियुक्ति भी उस समय चर्चा में आई थी क्योंकि उनके पति रमन रम्मी स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं और वर्तमान में पार्षद हैं। ऐसे में उनकी ताजपोशी को कांग्रेस की सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा था।

अब पूरे पंजाब में महिला कांग्रेस के नए पदाधिकारियों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा भी है कि विधानसभा चुनावों से पहले संगठन में युवा और सक्रिय चेहरों को आगे लाया जा सकता है ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ताओं के सहारे ही पार्टी आगामी चुनावों में प्रभावी चुनौती पेश कर पाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस में और भी बड़े संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।