ईडी कार्रवाई पर ‘आप’ का केंद्र पर बड़ा हमला, हरपाल चीमा बोले- पंजाब की आवाज दबाने की कोशिश

ईडी कार्रवाई पर ‘आप’ का केंद्र पर बड़ा हमला, हरपाल चीमा बोले- पंजाब की आवाज दबाने की कोशिश

पंजाब के कैबिनेट मंत्री Sanjeev Arora के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई और गिरफ्तारी को लेकर पंजाब की राजनीति में टकराव और तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

पंजाब के वित्त मंत्री ईडी कार्रवाई पर ‘आप’ का केंद्र पर बड़ा हमला, हरपाल चीमा बोले- पंजाब की आवाज दबाने की कोशिश ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्रवाई केवल संजीव अरोड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब और यहां के करोड़ों लोगों की भावनाओं पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा राजनीतिक रूप से कमजोर महसूस करती है, तब वह ईडी, सीबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों के खिलाफ करती है।

चीमा ने कहा कि पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में भी भाजपा पर इसी तरह केंद्रीय एजेंसियों के जरिए राजनीतिक माहौल प्रभावित करने के आरोप लगते रहे हैं और अब पंजाब में भी वैसी ही रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा घबराई हुई है और इसी कारण विपक्षी नेताओं को कानूनी मामलों में उलझाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि संजीव अरोड़ा के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। चीमा के मुताबिक भाजपा का मुख्य एजेंडा विपक्षी दलों को कमजोर करना और संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में करना बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी पार्टी के कई नेताओं को निशाना बनाया गया और अब दोबारा संजीव अरोड़ा के खिलाफ कार्रवाई कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की जा रही है।

वित्त मंत्री ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान और संघीय ढांचे की रक्षा का मुद्दा है। उन्होंने बाबा साहेब B. R. Ambedkar के संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी आवाजों को दबाने की कोशिश संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक दबाव और एजेंसियों के जरिए डराने की राजनीति को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य के लोग लोकतंत्र और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हैं और किसी भी प्रकार की “तानाशाही राजनीति” को स्वीकार नहीं करेंगे।

इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी का कहना है कि ईडी की कार्रवाई का समय और राजनीतिक परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं। वहीं विपक्षी दल और भाजपा नेता इस मामले को गंभीर आर्थिक अनियमितताओं और जांच एजेंसियों की स्वतंत्र कार्रवाई से जोड़ रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजीव अरोड़ा प्रकरण आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है। एक ओर आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा भ्रष्टाचार के मामलों में जांच को जरूरी ठहरा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक गहराने की संभावना है।