हिमाचल प्रदेश में नगर निगम मंडी चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद सुक्खू सरकार ने मंडी क्षेत्र की अनदेखी शुरू कर दी और विकास कार्यों की रफ्तार पूरी तरह थम गई।
मंगलवार को मंडी नगर निगम के विभिन्न वार्डों—सन्यारड़, पैलेस कॉलोनी-2, 10 सुहड़ा और पैलेस कॉलोनी-1 में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मंडी की जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है और पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू हुई कई विकास योजनाओं को रोक दिया गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंडी ने हमेशा प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन वर्तमान सरकार क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों, पेयजल, स्वास्थ्य और शहरी विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट धीमी गति का शिकार हो गए हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर फैसले बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार बिना ठोस योजना के घोषणाएं करती है और बाद में उन्हें वापस ले लेती है। उनके मुताबिक सरकार की नीतियों में स्थिरता और स्पष्टता की कमी दिखाई दे रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे निर्णय लिए गए जिनका जमीनी स्तर पर कोई स्पष्ट आधार नहीं था। बाद में विरोध या असफलता के चलते सरकार को अपने फैसले वापस लेने पड़े। इससे जनता के बीच सरकार की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि जयराम ठाकुर ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर सरकार का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि नशा प्रदेश के युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है और इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है। भाजपा इस लड़ाई में सरकार के साथ खड़ी है, लेकिन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सरकार को मजबूत और स्पष्ट नीति अपनानी होगी।
जनसभाओं के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की अच्छी मौजूदगी देखने को मिली। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर निगम चुनावों के जरिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही आगामी चुनावी समीकरण मजबूत करने में जुटी हुई हैं। ऐसे में मंडी की सियासत आने वाले दिनों में और अधिक दिलचस्प हो सकती है।




