नोरो वायरस का बढ़ता खतरा: उल्टी-दस्त से बिगड़ सकती है हालत, जानिए कितना खतरनाक है यह संक्रमण

नोरो वायरस का बढ़ता खतरा: उल्टी-दस्त से बिगड़ सकती है हालत, जानिए कितना खतरनाक है यह संक्रमण

कोरोना और हंता वायरस के बाद अब नोरो वायरस ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज शिप पर इसका बड़ा प्रकोप देखने को मिला, जहां 100 से ज्यादा यात्री और क्रू मेंबर अचानक बीमार पड़ गए। संक्रमित लोगों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षण तेजी से फैलते दिखाई दिए।

विशेषज्ञों के मुताबिक नोरो वायरस एक बेहद संक्रामक वायरस है, जो पेट और आंतों को प्रभावित करता है। यह संक्रमण खासतौर पर उन जगहों पर तेजी से फैलता है जहां बड़ी संख्या में लोग एक साथ रहते हैं, जैसे स्कूल, हॉस्टल, अस्पताल, नर्सिंग होम और क्रूज शिप।

क्या हैं इसके मुख्य लक्षण?

नोरो वायरस के संपर्क में आने के 12 से 48 घंटे के भीतर लक्षण दिखाई देने लगते हैं। मरीज को अचानक तेज उल्टी, बार-बार दस्त, पेट में मरोड़ और मतली महसूस हो सकती है। कई मामलों में बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द और ठंड लगने जैसी परेशानी भी सामने आती है।

डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश लोग 1 से 3 दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए यह संक्रमण गंभीर साबित हो सकता है।

क्यों खतरनाक माना जाता है यह वायरस?

स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार नोरो वायरस का सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की भारी कमी है। लगातार उल्टी और दस्त के कारण शरीर तेजी से कमजोर होने लगता है। मुंह सूखना, कमजोरी, चक्कर आना और पेशाब कम होना इसके संकेत माने जाते हैं। बच्चों में ज्यादा नींद आना और रोते समय आंसू कम निकलना भी गंभीर लक्षण हो सकते हैं।

हर साल करोड़ों लोग होते हैं प्रभावित

अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी CDC के अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में हर साल करीब 68 करोड़ से ज्यादा लोग नोरो वायरस की चपेट में आते हैं। इनमें बड़ी संख्या पांच साल से कम उम्र के बच्चों की होती है। कई गरीब देशों में इलाज और सही हाइड्रेशन न मिलने के कारण हजारों बच्चों की मौत भी हो जाती है।

कैसे फैलता है संक्रमण?

यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, दूषित भोजन खाने, गंदा पानी पीने या संक्रमित सतह छूने से फैल सकता है। सबसे चिंता की बात यह है कि मरीज ठीक होने के बाद भी कई दिनों तक दूसरों में वायरस फैला सकता है।

बचाव ही सबसे बड़ा उपाय

फिलहाल नोरो वायरस की कोई वैक्सीन या खास दवा मौजूद नहीं है। डॉक्टर ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लेने, आराम करने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह देते हैं। बार-बार हाथ धोना, संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखना और साफ भोजन-पानी का इस्तेमाल करना ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

(Photo: Shutterstock)