विश्व हाइपरटेंशन दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने राज्य में बढ़ते उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के मामलों को लेकर चिंता जताते हुए बड़े स्तर पर चलाए जा रहे स्क्रीनिंग और उपचार अभियान की जानकारी साझा की। सरकार के अनुसार अब तक एक करोड़ से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है, जबकि लगभग 24 लाख मरीजों को नियमित उपचार और निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाइपरटेंशन एक “साइलेंट किलर” बीमारी है, जो शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है। समय पर पहचान और इलाज न होने पर यह स्ट्रोक, हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर, किडनी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
30 वर्ष से अधिक आयु वालों की नियमित जांच
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री Balbir Singh ने बताया कि राज्य सरकार ने 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता दी है। यह जांच सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और राज्यभर में संचालित 990 आम आदमी क्लीनिकों में की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों में उच्च रक्तचाप की पुष्टि हो रही है, उन्हें तुरंत इलाज से जोड़ा जा रहा है। मरीजों को मुफ्त दवाइयां, नियमित फॉलोअप, स्वास्थ्य परामर्श और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ अस्पतालों में रेफरल की सुविधा भी दी जा रही है।
युवाओं और किशोरों में भी बढ़ रहा खतरा
डॉक्टरों के अनुसार अब यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही। राजिंदरा अस्पताल पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में 20 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं और किशोरों में भी हाई ब्लड प्रेशर के मामले तेजी से बढ़े हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तनावपूर्ण जीवनशैली, जंक फूड, अत्यधिक नमक का सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, देर रात तक जागना, मोटापा और तंबाकू-शराब का सेवन इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं। कई मामलों में लोगों को बीमारी का पता तब चलता है जब वे गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचते हैं।
WHO ने भी जताई चिंता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार भारत सहित दुनिया के कई देशों में हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में हृदय रोग और स्ट्रोक के मामलों में और वृद्धि हो सकती है।
‘सीएम दी योगशाला’ अभियान पर सरकार का जोर
पंजाब सरकार ने रोकथाम के लिए “सीएम दी योगशाला” अभियान भी शुरू किया है। इस पहल के तहत राज्यभर में 10,600 से अधिक योग कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें अब तक करीब तीन लाख लोग हिस्सा ले चुके हैं।
सरकार का दावा है कि योग, ध्यान, तनाव नियंत्रण और नियमित व्यायाम के जरिए लोगों को जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को सुबह की सैर, संतुलित भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच की सलाह भी दे रहा है।
कैशलेस इलाज से मरीजों को राहत
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कैशलेस सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। स्ट्रोक, हृदय रोग और किडनी संबंधी जटिलताओं के इलाज में यह योजना मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। खासकर मध्यम वर्ग, बुजुर्गों और पेंशनभोगियों को इससे आर्थिक सहायता मिल रही है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा मामले
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार Patiala, Mohali, Hoshiarpur, Jalandhar और Faridkot में हाई ब्लड प्रेशर के मामलों की संख्या अधिक दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि गुरदासपुर में 94 वर्ष तक और एसएएस नगर (मोहाली) में 98 वर्ष तक आयु वाले मरीजों में भी हाइपरटेंशन दर्ज किया गया है। वहीं अमृतसर और लुधियाना में मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं में भी इस बीमारी के मामले बढ़े हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित ब्लड प्रेशर जांच, संतुलित जीवनशैली और समय पर उपचार ही इस “साइलेंट किलर” से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।




