CM मान का केंद्र पर बड़ा हमला: ‘देश आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों की गिरफ्त में’, महंगाई से लेकर वोटर लिस्ट तक उठाए सवाल

CM मान का केंद्र पर बड़ा हमला: ‘देश आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों की गिरफ्त में’, महंगाई से लेकर वोटर लिस्ट तक उठाए सवाल

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश में बढ़ती महंगाई, ईंधन कीमतों में वृद्धि और नागरिकों पर बढ़ते प्रतिबंधों के जरिए “अघोषित लॉकडाउन” जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति जनता से छुपा रही है और लोगों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने चुनावों तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों को जानबूझकर स्थिर रखा और चुनाव खत्म होते ही आम जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी आने वाले समय में और अधिक बढ़ सकती है।

मुख्यमंत्री ने मांग की कि केंद्र सरकार देश के तेल, गैस और सोने के भंडारों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे ताकि लोगों को देश की आर्थिक हालत की सच्चाई पता चल सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि देश आर्थिक रूप से किस स्थिति में है।

भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार वैश्विक हालात और खाड़ी देशों में तनाव का हवाला देकर लगातार ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को सही ठहराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को महंगाई के दबाव में धकेला जा रहा है जबकि सरकार वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री लगातार विदेश यात्राओं पर जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर आम नागरिकों को विदेश यात्रा से बचने और खर्च कम करने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि “वर्क फ्रॉम होम” जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों को जनता से छुपाया जा रहा है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब में शुरू होने वाली मतदाता सूची विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सभी वॉलंटियर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखें।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पंजाब में न तो किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटाने दिया जाएगा और न ही किसी फर्जी मतदाता को सूची में शामिल होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में मतदाता सूचियों में हेरफेर की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन पंजाब में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

भगवंत मान ने भाजपा पर राज्यसभा सीटों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा के केवल दो विधायक होने के बावजूद पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य होना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति से भी मुलाकात की है और संबंधित मामलों में कार्रवाई की मांग की है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान और पवित्रता से जुड़े नए कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026” लंबे समय से सिख समुदाय की मांग थी और इस कानून के जरिए बेअदबी की घटनाओं पर कड़ी सजा सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर की सिख संगत ने इस कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पवित्र गुरबाणी की गरिमा और सम्मान बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस कानून को सख्ती से लागू किया जाएगा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह बयान केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और राजनीतिक हालातों पर भी बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।