पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जालंधर सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के लिए समन जारी किया है। भ्रष्टाचार के मामले में पहले से जांच का सामना कर रहे विधायक की मुश्किलें अब और बढ़ती नजर आ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले को आधार बनाकर ईडी ने अब मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित भ्रष्टाचार से जुड़े पैसों का इस्तेमाल कहां और किस तरीके से किया गया। इसी सिलसिले में विधायक को जून के पहले सप्ताह में जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार ईडी अधिकारियों ने विधायक को दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी के साथ पेश होने को कहा है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान संपत्ति, बैंक खातों और कथित लेनदेन से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल किए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष मई महीने में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने विधायक रमन अरोड़ा को भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद वे करीब छह महीने तक जेल में रहे। बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिली थी, जिसके बाद वे राजनीतिक गतिविधियों में फिर सक्रिय हुए।
इधर, हाल ही में पंजाब सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा वापस लेने का फैसला भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ था। अब ईडी की एंट्री के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। विपक्षी दल भी सरकार और विधायक दोनों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि विधायक पक्ष की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जांच आगे बढ़ती है तो आने वाले दिनों में यह मामला पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। फिलहाल सभी की नजरें ईडी की आगामी कार्रवाई और विधायक की पूछताछ पर टिकी हुई हैं।




