बकरीद के अवसर पर गुरुवार 28 मई को भारतीय शेयर बाजारों में कारोबार पूरी तरह बंद है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों में आज ट्रेडिंग नहीं हो रही। वहीं कमोडिटी मार्केट में सुबह और दोपहर का सत्र बंद रहेगा, लेकिन शाम 5 बजे के बाद कारोबार फिर से शुरू होगा।
इधर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल देखने को मिला है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सीधे क्रूड ऑयल पर पड़ा, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड करीब 4% चढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह तेजी दुनियाभर के निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि इसका असर महंगाई से लेकर ट्रांसपोर्ट और उद्योगों की लागत तक पड़ता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो भारत का आयात बिल बढ़ जाता है। ज्यादा डॉलर बाहर जाने से रुपये पर दबाव बनता है और उसकी कीमत कमजोर हो सकती है। इसके अलावा कंपनियों के लिए उत्पादन और माल ढुलाई की लागत भी बढ़ जाती है, जिससे उनके मुनाफे पर असर पड़ता है।
इन्हीं कारणों से तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर निवेशक अक्सर शेयर बाजार में बिकवाली शुरू कर देते हैं। खासकर एविएशन, पेंट, सीमेंट, ट्रांसपोर्ट और बैंकिंग सेक्टर पर इसका ज्यादा असर देखने को मिलता है।
इससे पहले बुधवार 27 मई को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 142 अंक गिरकर 75,868 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी मामूली 7 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,907 पर बंद हुआ। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग शेयरों में देखने को मिला, जिसके कारण प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।




