कैथल में युवक ने किया सुसाइड:पेड़ से फांसी पर लटका मिला शव, काम करने के लिए शहर आया, पहचान नहीं

कैथल में युवक ने किया सुसाइड:पेड़ से फांसी पर लटका मिला शव, काम करने के लिए शहर आया, पहचान नहीं कैथल के कस्बा ढांड के गांव सोलू माजरा में एक युवक ने शीशम के पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन समाप्त कर ली। युवक की उम्र करीब 30 साल आंकी जा रही है। हालांकि अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और न ही मौत के कारणों का पता लग पाया है, लेकिन पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रथम दृष्टया अनुमान लगाया जा रहा है कि युवक प्रवासी है और मजदूरी के काम के लिए कैथल आया हुआ था। पुलिस को राहगीरों ने दी सूचना ढांड थाना एसएचओ रेखा रानी ने बताया कि रविवार को शाम के समय पुलिस को राहगीरों ने सूचना दी कि गांव सोलू माजरा के नजदीक किसी युवक का शव पेड़ पर लटका हुआ है। वह अनुमान से कोई प्रवासी मजदूर लग रहा है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में भिजवा दिया। पहचान के लिए अस्पताल में रखवाया रेखा ने बताया कि शव मिलने की सूचना पर उनकी टीम मौके पर पहुंच गई थी। उसे पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। फिलहाल उसे नागरिक अस्पताल के शवगृह में पहचान के लिए रखा गया है। रेखा ने बताया कि पुलिस ने मामले में आकस्मिक मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस मामले की आगामी जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उन्हीं के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

भारत ने एक्सपोर्ट किया 2.7 मिलियन टन चावल:पाकिस्तान से छह गुना आगे, 170 देशों में बासमती की खुशबू

भारत ने एक्सपोर्ट किया 2.7 मिलियन टन चावल:पाकिस्तान से छह गुना आगे, 170 देशों में बासमती की खुशबू भारत ने बासमती एक्सपोर्ट के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस साल अप्रैल से अगस्त तक के सिर्फ पांच महीनों में देश ने 2.7 मिलियन टन बासमती चावल एक्सपोर्ट किया, जो पिछले साल के मुकाबले चार लाख टन ज्यादा है। जहां पाकिस्तान महज एक मिलियन टन बासमती एक्सपोर्ट करता है, वहीं भारत छह मिलियन टन से अधिक एक्सपोर्ट कर रहा है। इस बार एक्सपोर्टर्स ने 6.5 मिलियन टन का लक्ष्य रखा है। विश्वभर में बासमती के उत्पादन और एक्सपोर्ट की बात करें तो यह केवल दो देशों- भारत और पाकिस्तान तक सीमित है। लेकिन एक्सपोर्ट की मात्रा में भारत, पाकिस्तान से छह गुना आगे निकल चुका है। पाकिस्तान हर साल केवल एक मिलियन टन बासमती चावल एक्सपोर्ट करता है, जबकि भारत 6 मिलियन टन तक का निर्यात कर चुका है। अब इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य 6.5 मिलियन टन तक पहुंचने का रखा गया है। हरियाणा का कितना और करनाल का कितना योगदान सतीश गोयल ने बताया कि एक्सपोर्ट में 35-40% योगदान हरियाणा का है। इसमें अगर करनाल जिले की बात की जाये तो वह करीब 70 प्रतिशत है। वही अमेरिका को टोटल वॉल्यूम का 5 प्रतिशत भी एक्सपोर्ट नहीं होता। जैसा कि अमेरिका ने जबरदस्ती हमारे ऊपर 50% का टेरिफ लगा दिया, अगर अमेरिका चावल नहीं भी लेगा तो भी हमारे एक्सपोर्टर्स को या फार्मर को चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर अमेरिका को 2 या अढ़ाई लाख टन माल नहीं जाएगा तो भी कोई असर नहीं। U.S टेरिफ़ के बाद हमने नई नई कंट्रीज की तलाश शुरू कर दी है। हाल ही में भारत सरकार के साथ हमारी एसोसिएशन जापान गई थी और उम्मीद है कि जापान के लोगों को भी हमारे बासमती चावल की महक पसंद आएगी। हमारा जितना भी टारगेट है उसको हम अचीव करेंगे। बासमती सिर्फ 2 ही देशों के पास है-हिंदुस्तान और पाकिस्तान। पाकिस्तान हमारे सामने बच्चा है। अगर सरकार की भूमिका की बात करे तो बीते दस सालों में हमारा एक्सपोर्ट दोगुना हो चुका है-क़ीमत वाइज भी और कवांटिटी वाइज भी।
बासमती फ़सल का हर साल होता है सेटेलाइट सर्वेंकरनाल के नूर महल में राइस एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन की जरनल बॉडी की मीटिंग हुई थी। जिसकी अध्यक्षता अपेडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने की थी। इस मीटिंग में पुरे हिंदुस्तान के 150 से पौने 200 एक्सपोर्टस शामिल हुए थे। पुरे देश में जो बासमती की फ़सल पैदा होती हैं, उसका एक सर्वें करवाया जाता है, यह सर्वें सेटेलाइट से भी होता है और फीड सर्वें भी होता है, यह सर्वें अवनिक कंपनी द्वारा किया गया था, जिसको हमने हायर किया था। उसकी जो रिपोर्ट सामने आई है, उसके अनुसार पंजाब में फल्ड के कारण तो थोड़ा नुकसान जरूर हुआ था, लेकिन ओवरआल डाटा देखे तो ज्यादा नुकसान नहीं है, वह केवल एक प्रतिशत है।

पांच महीनों में 4 लाख टन की बढ़ोतरी दर्ज ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रेजीडेंट सतीश गोयल के अनुसार, 1 अप्रैल से 30 अगस्त 2025 तक 2.7 मिलियन टन बासमती चावल का एक्सपोर्ट हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 2.3 मिलियन टन एक्सपोर्ट किया गया था। यानी केवल पांच महीनों में चार लाख टन की वृद्धि दर्ज हुई। यह भारत के बासमती उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पिछले साल तोड़ा गया एक्सपोर्ट का रिकॉर्ड साल 2024-25 में भारत ने बासमती एक्सपोर्ट के क्षेत्र में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। उस वित्तीय वर्ष में 6 मिलियन टन बासमती का एक्सपोर्ट हुआ, जबकि उससे पिछले साल यानी 2023-24 में यह आंकड़ा केवल 5 मिलियन टन था। यानी एक ही साल में एक मिलियन टन की बढ़ोतरी दर्ज हुई। उद्योग के जानकारों के मुताबिक, सरकारी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मांग में लगातार वृद्धि की वजह से एक्सपोर्ट में यह उछाल आया है। अमेरिका में टैरिफ बढ़ाए जाने के बावजूद बना रहेगा एक्सपोर्ट स्तर अमेरिका में टैरिफ बढ़ने के बावजूद भारतीय बासमती की मांग में कोई गिरावट नहीं आई है। पिछले वर्ष जहां टैरिफ लागू नहीं था, तब भी भारत ने 2 लाख 70 हजार टन एक्सपोर्ट किया था। अब टैरिफ लगने के बावजूद राइस एक्सपोर्टर्स को उम्मीद है कि इस वर्ष भी उतनी ही मात्रा यानी 2 लाख 70 मिलियन टन बासमती अमेरिका भेजा जाएगा। 170 देशों तक पहुंची भारतीय बासमती की खुशबू सतीश गोयल के अनुसार, भारत का बासमती अब 170 देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है। इनमें सऊदी अरब, ईरान और इराक प्रमुख देश हैं। अकेले सऊदी अरब में हर साल करीब 1 मिलियन टन बासमती चावल भेजा जाता है, जबकि ईरान और इराक मिलाकर 2 मिलियन टन का एक्सपोर्ट होता है। इन तीन देशों में कुल 3 मिलियन टन चावल की डिलीवरी होती है, जो भारत के कुल एक्सपोर्ट का लगभग आधा हिस्सा है। सरकारी नीतियों से बढ़ी एक्सपोर्ट क्षमता बासमती एक्सपोर्ट में इस तेजी का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को दिया जा रहा है। राइस एक्सपोर्टर्स के अनुसार, केंद्र सरकार की अनुकूल नीतियों, स्थिर विदेशी व्यापार नीति और क्वालिटी कंट्रोल पर फोकस के कारण भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी साख मजबूत की है। यही कारण है कि आज भारत 170 देशों में बासमती का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर बनकर उभरा है। अगले साल 6.5 मिलियन टन का लक्ष्य तय 2025-26 में भारत ने 6.5 मिलियन टन बासमती एक्सपोर्ट करने का टारगेट रखा है। राइस एक्सपोर्टर्स को भरोसा है कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं होगा। बढ़ती वैश्विक मांग, क्वालिटी में सुधार और सरकार की नीतिगत स्थिरता से बासमती उद्योग को लगातार बूस्ट मिल रहा है।

हरियाणा CET एग्जाम- नवंबर में रिजल्ट आने की संभावना:24 तक कैटेगरी करेक्शन का मौका; 14 जून से पहले सर्टिफिकेट आवेदन जरूरी

हरियाणा CET एग्जाम- नवंबर में रिजल्ट आने की संभावना:24 तक कैटेगरी करेक्शन का मौका; 14 जून से पहले सर्टिफिकेट आवेदन जरूरी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के अभ्यर्थियों के लिए करेक्शन पोर्टल खोला है। जिसके बाद अभ्यर्थी अपनी कैटेगरी का सर्टिफिकेट अपडेट करके करेक्शन करवा सकते हैं। सीईटी परीक्षा के दौरान चेयरमैन हिम्मत सिंह ने बयान दिया था करेक्शन पोर्टल खोलने की प्रक्रिया होने के करीब 15 दिन बाद रिजल्ट जारी किया जाएगा। जिसका अभ्यार्थियों को इंतजार है। बता दें कि, एचएसएससी ने प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर 26-27 जुलाई को सीईटी एग्जाम आयोजित कराया था। इस सीईटी परीक्षा में करीब 13.48 लाख अभ्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। वहीं इनमें से करीब 12.46 लाख अभ्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। सभी अभ्यार्थियों को रिजल्ट का इंतजार है। सीईटी का रिजल्ट नवंबर माह में आने का अनुमान है। युवा भी लगातार रिजल्ट को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। ताकि उनका इंतजार लंबा ना हो। हालांकि परीक्षा के वक्त चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा था कि एक माह के अंदर रिजल्ट घोषित किया जाएगा, लेकिन अब तक इस बारे में कोई अधिकारी जानकारी अपडेट नहीं है। 24 अक्टूबर तक खोला करेक्शन पोर्टल
बता दें कि, अब एचएसएससी ने CET के अभ्यर्थियों के लिए करेक्शन पोर्टल 17 से 24 अक्टूबर तक खोला है। अभ्यर्थी 24 अक्टूबर को रात 11 बजकर 59 मिनट तक अपने फॉर्म में सुधार कर सकते हैं। आयोग ने एक पब्लिक नोटिस भी जारी किया है, जिसमें हाईकोर्ट के 1 जुलाई के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि CET ग्रुप-सी 2025 परीक्षा के लिए सुधार पोर्टल खोलने का निर्णय लिया गया है। नोटिस में उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे 17 से 24 अक्टूबर के बीच करेक्शन पोर्टल पर सुधार कर लें। इसको लेकर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने युवाओं को जानकारी देते हुए निर्देश दिए कि जिस अभ्यर्थी को कैटेगरी करेक्शन करना है। उनका कैटेगरी सर्टिफिकेट 14 जून से पहले का आवेदन किया हुआ होना चाहिए। वे ही उम्मीदवार पोर्टल पर जाकर करेक्शन कर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि श्रेणी सुधार के किसी भी अनुरोध पर भौतिक रूप से विचार नहीं किया जाएगा।

हरियाणा के कॉलेजों में सेमिनार-वर्कशॉप के रेट तय:₹40 की चाय, खाने के ₹200 फिक्स; ये करने की 3 वजह, शिकायत कर सकेंगे स्टूडेंट

हरियाणा के कॉलेजों में सेमिनार-वर्कशॉप के रेट तय:₹40 की चाय, खाने के ₹200 फिक्स; ये करने की 3 वजह, शिकायत कर सकेंगे स्टूडेंट हरियाणा के कॉलेजों में सेमिनार, वर्कशॉप, कॉन्फ्रेंस में खाने-पीने के रेट तय कर दिए गए हैं। अब कॉलेज प्रबंधन ऐसे आयोजनों में अपनी मनमर्जी नहीं चला सकेंगे। हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बना दी है। ये एसओपी सरकारी, एडिड व निजी कॉलेजों में लागू की गई है। इसके अनुसार, आयोजनों में शामिल होने वालों से 500 रुपए से अधिक रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ले सकेंगे। राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार या वर्कशॉप पर प्रतिदिन 60 हजार और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार पर 1 लाख रुपए खर्च किए जा सकेंगे। आयोजनों में प्रतिभागियों की संख्या 60 से 80 के बीच रहेगी। प्रिंसिपल कारण बता इनकी संख्या 10% बढ़ाने की अनुमति ले सकेंगे। 40 रुपए चाय के फिक्स हुए आयोजन में प्रति व्यक्ति चाय के लिए 40 रुपए और खाने का 200 रुपए प्रतिदिन बजट तय किया है। विशेष वक्ता को प्रति घंटे 2 हजार रुपए के हिसाब से पेमेंट की जा सकेगी। वक्ता दिन में दो लेक्चरर दे सकेंगे। बोर्डिंग व लोडिंग पर प्रति व्यक्ति 1 हजार रुपए खर्च होगा। स्टेशनरी व अन्य चीजों पर 15 हजार रुपए तक खर्च कर सकेंगे। आयोजन के बाद 15 दिन में यूटिलाइज सर्टिफिकेट देना होगा। कार्यक्रम की रिपोर्ट, फोटोग्राफ, प्रतिभागियों का फीडबैक निदेशालय के पास भेजना होगा। ऐसे में कोई भी सेमिनार के नाम पर फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेगा। नवंबर-दिसंबर में देना होगा प्रस्ताव आयोजनों का समय सुबह 9:30 से शाम 5 बजे तक रहेगा। 4 सेशन होंगे। टी-ब्रेक, लंच का समय भी तय है। कार्यक्रम के लिए शनिवार, रविवार जैसे छुट्‌टी के दिन को प्राथमिकता देने के लिए कहा है। इनसे कॉलेज में पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। आयोजन की तारीखें व मकसद बताते हुए नवंबर-दिसंबर में ही इसका प्रस्ताव हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट के पास भेजना होगा। पिछले 3 साल के आयोजनों के विषय की भी जानकारी देनी होगी। स्क्रीनिंग कमेटी मंजूरी जरूरी एसओपी में हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट ने एसओपी में ये भी व्यवस्था की है जिसके तहत बजट की डिमांड करते वक्त आइटम वाइज खर्च ब्योरा देना होगा। आयोजन में कौन शामिल होगा, जैसे विद्यार्थी, फैकल्टी, स्कॉलर्स, वक्ता या अन्य। स्क्रीनिंग कमेटी तय करेगी कि आयोजन होना चाहिए या नहीं। अभी कॉलेजों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए प्रबंधन मर्जी के हिसाब से फीस लेते हैं। लागू करने की ये 3 बड़ी वजह… 1. कॉलेज के स्टूडेंट्स की हमेशा से शिकायत रहती है कि खर्च के मुकाबले फीस ज्यादा ले ली जाती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ये एसओपी में इसकी भी व्यवस्था की गई है। यदि कोई कॉलेज अब ज्यादा फीस लेता है तो विद्यार्थी शिकायत भी कर पाएंगे। 2. सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप जैसे आयोजनों में खाने-पीने के बिलों में बजट को लेकर गड़बड़ी सामने आई हैं। कुछ कॉलेजों में कई बार आयोजन पर बजट खर्च अधिक दिखाए जाने की संभावना रहती है। इस एसओपी के बाद अब इस पर अंकुश लग सकेगा। 3. हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट की ओर से जारी एसओपी से फर्जीवाड़ा रुकेगा। कुछ कॉलेजों में कार्यक्रमों में देर शाम हो जाती है। इससे छात्रों को घर जाने में असुविधा होती है। खासकर छात्राओं को इससे काफी परेशानी होती थी।

गुरुग्राम मेट्रो को लेकर मंत्री की चिट्ठी से फंसा पेंच:राव नरबीर का अंडरग्राउंड बनाने का सुझाव, इससे तीन साल देरी और लागत दोगुना बढ़ेगी

गुरुग्राम मेट्रो को लेकर मंत्री की चिट्ठी से फंसा पेंच:राव नरबीर का अंडरग्राउंड बनाने का सुझाव, इससे तीन साल देरी और लागत दोगुना बढ़ेगी गुरुग्राम में मेट्रो एक्सटेंशन के निर्माण को लेकर अब नया पेंच फंस गया है। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने फेज-2 के तहत सेक्टर-9 से लेकर साइबर सिटी तक की लाइन को अंडरग्राउंड करने के सुझाव के बाद इसके बदलाव को फिलहाल होल्ड पर रख दिया है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) की तकनीकी और वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से प्रोजेक्ट के पूरा होने में करीब तीन साल की देरी का अनुमान है। परियोजना की लागत भी 350 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर से बढ़कर 600-650 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर हो जाएगी। जीएमआरएल अधिकारियों का कहना है कि लागत बढ़ने के साथ-साथ टेंडर, डिजाइन में बदलाव और मंजूरी मिलने में भी देरी हो सकती है। इस प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट की रिपोर्ट प्रदेश सरकार को अंतिम फैसले के लिए सौंपी जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही सरकार यह तय करेगी कि अतिरिक्त लागत को कैसे वहन किया जाए। प्रोजेक्ट के भूमि पूजन के बाद सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने सवाल उठाया था कि प्रोजेक्ट समय पर पूरा न होने के लिए जवाबदेही तय की जाए और जिनकी वजह से देरी हो रही है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। तब राव नरबीर ने दावा किया था कि प्रोजेक्ट समय पर चल रहा है और पहले जो कंफ्यूजन थी, वह दूर हो चुकी है। राव नरबीर की चिट्ठी की 3 अहम बातें.. ये है पूरा प्रोजेक्ट
केंद्र सरकार ने जून 2023 में गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। यह प्रोजेक्ट मिलेनियम सिटी सेंटर और साइबर सिटी के बीच 28.5 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें द्वारका एक्सप्रेसवे तक एक और रास्ता भी शामिल है, जिसके सभी स्टेशन एलिवेटेड होंगे। जीएमआरएल बोर्ड ने गुड़गांव रेलवे स्टेशन तक 1.8 किलोमीटर लंबा एक और रास्ता बनाने की भी मंजूरी दे दी है, ताकि लोगों को आने-जाने में आसानी हो। ये है फेज एक
28 किलोमीटर में 27 मेट्रो स्टेशन होंगे: पहले चरण में सेक्टर नौ तक होगा सिविल वर्क मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.05 किलोमीटर में 27 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन होंगे। पहले चरण में मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर 47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72 ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9, बसई से द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर 101) का निर्माण कार्य शामिल है। पहले चरण में मेट्रो निर्माण का ठेका दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड और रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को दिया गया है। कंपनी को कास्टिंग यार्ड/ बैचिंग प्लांट बनाने के लिए नाहरपुर रूपा गांव (ट्रांसपोर्ट नगर) में करीब पांच हेक्टेयर जमीन अस्थायी तौर पर दी हुई है। कंपनी गर्डर, एलिवेटेड गर्डर समेत अन्य स्ट्रक्चर बनाने के लिए प्लांट स्थापित करेगी। फेज दो का प्रोजेक्ट
सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक 14 मेट्रो स्टेशन होंगे
फेस दो के तहत सेक्टर-9 से लेकर दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। मेट्रो निर्माण को लेकर भू तकनीकी सर्वे किया जा चुका है। पुरानी डीपीआर के तहत दूसरे चरण में मेट्रो के 13 स्टेशन बनने थे, लेकिन नई डीपीआर में रेलवे स्टेशन मेट्रो स्टेशन शामिल होने के बाद 14 स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। नई डीपीआर को मंजूरी के लिए शहरी आवास मंत्रालय को भेजा जा चुका है। मेक इन इंडिया का ख्याल
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में मेक इन इंडिया पहल का ध्यान रखा जाएगा। परियोजना में अधिकतम भारतीय तकनीकी, उपकरण और संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। मेट्रो कॉरिडोर एक अलग (स्वतंत्र) मेट्रो लाइन के रूप में बनेगा। स्वतंत्र कॉरिडोर में मेट्रो लाइन की अपनी अलग पहचान और संचालन प्रणाली होगी। इसका ट्रैक, स्टेशन और प्रबंधन अभी चल रही रैपिड मेट्रो से अलग होगा। यह नई मेट्रो लाइन रैपिड मेट्रो के ट्रैक या सिस्टम से नहीं जुड़ेगी या उसके साथ संयुक्त रूप से नहीं चलेगी। पहले जानिए.. मेट्रो को लेकर क्यों आमने-सामने हुए थे दोनों राव यह फाइल केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के पास थी। अब केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के मंत्रालय से संबंधित है। डीपीआर से संबंधित भ्रम दूर होने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने हाल ही में परियोजना का भूमि पूजन किया, और अब यह प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है।

करनाल के बॉबी का 5 रुपए में फिल्मी सफर:​​​​​​​दिल्ली स्टेशन पर लुटे, मुंबई में स्पॉटबॉय रहे; अब हरियाणवी बैकग्राउंड वाली बॉलीवुड फिल्म ला रहे

करनाल के बॉबी का 5 रुपए में फिल्मी सफर:​​​​​​​दिल्ली स्टेशन पर लुटे, मुंबई में स्पॉटबॉय रहे; अब हरियाणवी बैकग्राउंड वाली बॉलीवुड फिल्म ला रहे करनाल जिले के घरौंडा कस्बे से निकले बॉबी सिंह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। 17 साल की उम्र में हीरो बनने का सपना लेकर घर से भागे। रास्ते में लूट हुई, होटल में बर्तन मांजे। फिर स्टंटमैन बने। बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों संग काम किया। अब बॉबी सिंह सच्ची घटना पर आधारित फिल्म ‘सनम फिर मिलेंगे’ के प्रोड्यूसर हैं, जिसमें बॉलीवुड के कई नामी चेहरे नजर आएंगे। दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में बॉबी सिंह ने फिल्म को लेकर कई बातें शेयर कीं। बोले-“जब 17 साल की उम्र में घर छोड़ा था, तो वादा किया था कि कामयाब होकर लौटूंगा। अब वो वक्त आ गया है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज को सोचने पर मजबूर करेगी।” कहानी की हरियाणवी बैकग्राउंड है। बॉक्सर विजेंदर सिंह पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में हैं। यशपाल शर्मा करैक्टर रोल में नजर आएंगे। फिल्म 26 मार्च को रिलीज करने की योजना है। फिल्म की हीरोइन हरियाणा से होंगी, अभी नाम का सस्पेंस रखा गया है। अब सिलसिलेवार पढ़ें.. 48 साल के लंबे सफर की कहानी स्पॉटबॉय से स्टंटमैन तक का सफर
मुंबई में संघर्ष के दो साल बाद 1979 में उन्हें पहला मौका मिला। अभिनेता धर्मेंद्र के भाई और पंजाब के सुपरस्टार वीरेंद्र ने अपनी फिल्म लंबरदारनी में बॉबी को स्पॉट बॉय की नौकरी दी। इसी के बाद बॉबी ने दो साल तक निम्मो, सरपंच जैसी फिल्मों में भी काम किया। 1980 में बॉबी के बड़े भाई अशोक कुमार और रिश्तेदार रामचरण मुंबई आए और जुहू के समुद्र किनारे उन्हें ढूंढ निकाला। उन्होंने घर लौटने के लिए मनाया, लेकिन बॉबी का जवाब था, कामयाब होकर ही घर लौटूंगा। वह लौटे भी, लेकिन पांच साल बाद, जब पहचान मिल चुकी थी। 1981 में मूवी स्टंट एसोसिएशन से मिला कार्ड
1981 में बॉबी ने स्टंट मैन के रूप में आधिकारिक तौर पर फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री ली। मूवी स्टंट एसोसिएशन से कार्ड बनवाया और जल्द ही नाम कमाया। इसके बाद उन्होंने अजय देवगन के पिता वीरू देवगन के साथ 10 साल तक काम किया। धर्मेंद्र, संजय दत्त, सुनील दत्त, विनोद खन्ना, गोविंदा, मिथुन, जैकी श्रॉफ, जितेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारों के डुप्लीकेट बनकर सैकड़ों फिल्मों में एक्शन सीन किए। इसी दौरान उन्होंने कई कलाकारों को एक्शन ट्रेनिंग दी-अजय देवगन, गोविंदा, गोल्डी बेहल, बिंदू धारा सिंह, प्रोड्यूसर गोरंग दोषी, क्रिकेटर हरभजन सिंह की पत्नी गीता बसरा और अबू सलेम की पहली पत्नी मोनिका बेदी उनमें शामिल हैं। मधुमती अकादमी से सीखी एक्टिंग, अक्षय कुमार बने साथी
1989 में हीरो बनने के सपने को फिर से जगाने के लिए बॉबी ने मधुमती एक्टिंग अकादमी जॉइन की। वहां उनके साथ उस वक्त अक्षय कुमार, तब्बू, संजय कपूर और तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पौत्र इंद्रजीत सिंह जैसे कलाकार भी पढ़ रहे थे। दो साल तक अकादमी में रहकर अभिनय सीखा, लेकिन हीरो नहीं बन पाए। बॉबी कहते हैं कि हर कोई मुझे स्टंटमैन के रूप में जानता था, इसलिए कोई प्रोड्यूसर रिस्क नहीं लेता था। अनिल कपूर भी कहते थे कि तुम्हारी पर्सनैलिटी हीरो जैसी है, पर किस्मत की अपनी कहानी होती है। 1992 में बने एक्शन डायरेक्टर, कई सुपरहिट फिल्में
1992 में बॉबी सिंह ने अपने करियर की नई शुरुआत की और एक्शन डायरेक्टर बने। उनकी पहली इंटरनेशनल फिल्म ‘बवंडर’ थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी, पंजाबी और साउथ फिल्मों में एक्शन सीन डायरेक्ट किए। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन, मिथुन, गोविंदा, राजकुमार, जितेंद्र, विनोद खन्ना, जैकी श्रॉफ, दिलीप कुमार और संजीव कुमार जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। कई फिल्मों में उन्होंने निगेटिव रोल भी किए और अपनी प्रतिभा से दर्शकों और इंडस्ट्री दोनों का दिल जीता। हरियाणवी इंडस्ट्री में भी जमाया नाम
2004 में बॉबी सिंह ने हरियाणवी इंडस्ट्री में कदम रखा। उन्होंने ‘बोरले आली’ नामक एल्बम को प्रोड्यूस किया। इसमें सोनू निगम, सुनिधि चौहान और शिव निगम जैसे बड़े सिंगर्स की आवाज शामिल थी। कुल सात गाने थे और इसे सोनो टेक कंपनी ने रिलीज किया था। इस एल्बम के जरिए हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में बॉबी ने पहचान बनाई। ‘सनम फिर मिलेंगे’, 18 साल की मेहनत, फिल्म तैयार
2012 से बॉबी सिंह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘सनम फिर मिलेंगे’ पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कई साल इस स्क्रिप्ट पर रिसर्च की और आखिरकार इसे सच्ची घटनाओं पर आधारित एक ज्वलंत सामाजिक मुद्दे की फिल्म के रूप में तैयार किया। कहानी हरियाणा और नॉर्थ इंडिया की उस सामाजिक सोच पर आधारित है, जहां एक ही गांव या गोत्र के लड़के-लड़की की शादी पर रोक होती है। ऐसे रिश्ते करने वाले प्रेमियों की अक्सर गांव वाले हत्या कर देते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मरने के बाद वही प्रेमी अगली जिंदगी में उसी गांव में फिर जन्म लेते हैं और एक-दूसरे से मिलते हैं – यही वजह है कि फिल्म का नाम रखा गया ‘सनम फिर मिलेंगे’।
बॉलीवुड सितारों से सजी फिल्म की स्टारकास्ट
इस फिल्म में करण मलिक लीड एक्टर के रूप में नजर आएंगे और उनके साथ नई एक्ट्रेस होंगी। फिल्म के अन्य कलाकार बॉलीवुड के बड़े नाम हैं-अजय देवगन की स्पेशल अपीयरेंस, बॉक्सर विजेंदर सिंह पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में, आशुतोष राणा गेस्ट रोल में, जबकि यशपाल शर्मा एक्टर के पिता की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा यश टोंक, शहबाज खान, मुश्ताक खान, दयाल सिंह और बिंदू धारा सिंह भी अहम किरदारों में हैं। सात गाने रिकॉर्ड, मशहूर सिंगर्स ने दी आवाज
‘सनम फिर मिलेंगे’ के अब तक सात गाने रिकॉर्ड हो चुके हैं। इनमें जावेद अली, शान, पलक मुछाल, जानवी और अंतरा मित्रा जैसे मशहूर सिंगर्स ने अपनी आवाज दी है। फिल्म के म्यूजिक को लेकर इंडस्ट्री में पहले से चर्चा है।

खाटू श्याम मंदिर में मिले BJP नेता:हरियाणा CM को नोट लिख लापता हो गए थे; पार्टी राष्ट्रीय सचिव के लिए लिखा- कान के कच्चे

खाटू श्याम मंदिर में मिले BJP नेता:हरियाणा CM को नोट लिख लापता हो गए थे; पार्टी राष्ट्रीय सचिव के लिए लिखा- कान के कच्चे हरियाणा में झज्जर के लापता भाजपा जिला पार्षद संजय जांगड़ा खाटू श्याम मंदिर में मिल गए। झज्जर पुलिस सोमवार देर रात उन्हें लेकर पहुंची। साल्हावास थाने के SHO हरेश कुमार ने बताया कि इसमें राजस्थान पुलिस भी सहयोग लिया गया। संजय जांगड़ा सीएम नायब सिंह सैनी के नाम 7 पन्ने का एक नोट छोड़कर लापता हो गए थे। उन्होंने नोट में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ और झज्जर के जिला परिषद चेयरमैन पर आरोप लगाए कि इन लोगों ने उसके वार्ड में काम नहीं होने दिए। भाजपा पार्षद ने लिखा कि उन्हें लोगों ने अपने काम करवाने के लिए चुना था, लेकिन वह पार्षद होकर भी लोगों के काम नहीं करवा पा रहे। क्योंकि, जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना उसे ग्रांट नहीं देता। वहीं, ओपी धनखड़ कान के कच्चे हैं और हाजिरी लगाने की कहते हैं। नोट के अंत में पार्षद ने लिखा था कि यह उसका अंतिम नमस्कार है। पार्षद ने CM सैनी से विनती है कि ऐसे नेताओं पर कार्रवाई की जाए, जो पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। झज्जर के मुंडाहेड़ा गांव के निवासी वार्ड 13 के पार्षद संजय जांगड़ा का नोट मिलने के बाद उनके सुसाइड की चर्चा होने लगीं। हालांकि, उनके भाई विनय ने पुलिस को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसके बाद उन्हें खोजा गया। भाई की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था
साल्हावास थाने में दी शिकायत में पार्षद के भाई विनय ने बताया था कि संजय जांगड़ा रविवार सुबह गायब हुए। वह घर से किसी थैरेपिस्ट के साथ बाइक पर निकले थे। इसके बाद वह घर नहीं लौटे। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला पार्षदों के पर्सनल वॉट्सऐप पर उनका लिखा हुआ नोट आया। उन नोट में भाजपा के बड़े नेताओं पर आरोप लगाए गए थे। साथ ही अंत में सुसाइड कर जीवन समाप्त करने की बात लिखी हुई थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने छानबीन करते हुए एक दुकान से संजय का मोबाइल बरामद कर लिया। यह मोबाइल दुकान में रखे थैले में पड़ा था। चेयरमैन बोले- हमारे बीच कोई मनमुटाव नहीं
वहीं, जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना ने इन आरोपों पर कहा कि संजय के साथ उनकी कोई मनमुटाव की बात नहीं है। करीब 15 दिन पहले वह मिले थे, लेकिन कोई भी ऐसी बात नहीं हुई। चेयरमैन ने कहा कि कामों की जो बातें सामने आ रही हैं, संजय के वार्ड 13 में करीब 2 करोड़ के काम हो चुके हैं। धनखड़ बोले- संजय का मिलना पूरे भाजपा परिवार के लिए संतोष की बात
जबकि, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि इस घटनाक्रम को लेकर सब स्तब्ध थे। संजय कुमार के मिलने की खबर परिवार व भाजपा परिवार दोनों के लिए संतोषप्रद है। भाजपा एक अनुशासित संगठन है, जहां संवाद से समाधान की कार्य प्रणाली है, हर स्तर पर है। अगर किसी भी कार्यकर्ता को कोई शिकायत है तो वह संगठन में बातचीत से समाधान निकालने जाते हैं। पार्षद ने अपने नोट में ये बातें लिखीं… पार्षद का नोट…

फरीदाबाद में बहन को बचाने गए भाई को गोली लगी:जीजा ने गुंडो के साथ मिलकर पिता को पीटा, ऑपरेशन कर गोली निकाली, अस्पताल में भर्ती

फरीदाबाद में बहन को बचाने गए भाई को गोली लगी:जीजा ने गुंडो के साथ मिलकर पिता को पीटा, ऑपरेशन कर गोली निकाली, अस्पताल में भर्ती हरियाणा के फरीदाबाद में बहन के झगड़े को लेकर उसकी ससुराल पहुंचे दो भाईयों और उनके पिता पर उनके जीजा ने अपने गुंडो के साथ हमला कर दिया । इस दौरान देसी कट्‌टे से गोली चलाई गई जो साले रॉबिन के पेट में लग गई । जिसको गंभीर रूप से घायल हालात में इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया है। पुलिस ने जीजा सहित 6 नामजद अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बहन की कॉल पर घर पहुंचे
पर्वतीय कालोनी चौकी पुलिस को नंगला एंकलेव पार्ट वन के रहने वाले वंश राठी ने दी शिकायत में बताया है कि ,फरवरी 2020 में उन्होंने अपनी बड़ी बहन सीमा की शादी नगला गाजीपुर रोड़ के रहने वाले आशीष के साथ की थी। आशीष का अपना एक मेडिकल स्टोर घर की दुकान में ही खोला हुआ है। बीते 18 अक्तूबर को उसकी बहन का कॉल आया कि आशीष उसके साथ झगड़ा कर रहा है। जिस पर हमारे परिवार के लोग उनको समझाकर वापस अपने घर आ गए। 19 अक्तूबर की रात को करीब 9 बजे उनकी बहन सीमा का कॉल आया ,जिसमें सीमा ने बताया कि उसका पति आशीष और हरियाणा पुलिस में ASI रामबाबू उसका ससुर घर से बाहर निकालने की धमकी दे रहे है। जिसके बाद उसका मैं , मेरा बड़ा भाई रॉबिन और पिता हवा सिंह राठी बहन के घर नंगला एंकलेव पार्ट 2 सीमा के घर पहुंचे। जीजा अपने गुंडो के साथ पहले से मौजूद था
वंश राठी ने बताया कि वहां पर उसका जीजा आशीष ,अपने साथियों भूरा, विक्रम अवाना, कल्लू अवाना, मोनू, सुशील ,रॉकी, व करीब 15 से 20 लोग पहले से ही मौजूद थे। जैसे ही उसका भाई और पिता घर में घुसे सभी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान किसी ने रॉबिन को दसी कट्‌टे से पेट में गोली मार दी। आरोप है कि जीजा आशीष ने उनके व पिता के मारपीट की। जिसके बाद वो राबिन को लेकर अस्पताल के निकल गए। गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती
पुलिस के मुताबिक राबिन को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां ऑपरेशन करके उसके पेट से गोली निकाल दी गई है। लेकिन अभी भी उसकी हालात गंभीर बनी हुई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि शिकायत पर पुलिस ने जीजा सहित 6 नामजद व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश कर रही है।

मेलबर्न कॉन्सर्ट पर हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की सफाई:बोले- शरारती तत्वों ने शो खराब किया, इसके पीछे गहरी राजनीति; गंदे इशारे कर विवादों में घिरे

मेलबर्न कॉन्सर्ट पर हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की सफाई:बोले- शरारती तत्वों ने शो खराब किया, इसके पीछे गहरी राजनीति; गंदे इशारे कर विवादों में घिरे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में कॉन्सर्ट के दौरान उपजे विवाद के बाद हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने उनके कॉन्सर्ट को खराब कर दिया। वीडियो में मासूम शर्मा कह रहे हैं- ऐसा चलता रहता है, क्योंकि हर जगह पर हर तरह के लोग होते हैं। कॉन्सर्ट के आयोजकों ने थोड़े समय में बहुत अच्छा काम करने की कोशिश की और काफी हद तक वे सफल भी हुए। फिर भी शो खराब करने के पीछे गहरी राजनीति थी। बता दें कि मासूम शर्मा का मेलबर्न में हुआ कॉन्सर्ट विवादों में है। इस कॉन्सर्ट को इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया था, जिसकी टिकट करीब 16 हजार रुपए थी। कॉन्सर्ट में मासूम शर्मा काफी लेट आए तो हंगामा शुरू हो गया। उसके बाद भी किसी ने जाटां का छोरा सॉन्ग की डिमांड कर दी। जिस पर मासूम भड़क गए और युवक को धमका दिया। स्टेज से जाते हुए उन्होंने गंदे इशारे भी किए। इसके बाद यह कॉन्सर्ट कैंसिल कर दिया गया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में बसे हरियाणवियों ने कहा कि शो के कारण हरियाणवी कम्युनिटी की विदेश में छवि खराब हुई है। लोग सोशल मीडिया पर ताने दे रहे हैं कि हरियाणवी कुछ नहीं कर सकते, बस वे ऐसा ही कर सकते हैं। इंटरनेशनल लेवल पर अगर कोई व्यक्ति जाता है तो उसे अपने देश और प्रदेश की साख का भी ख्याल रखना चाहिए। मेलबर्न शो पर लोगों ने क्या कहा… सोशल मीडिया पर लोगों ने ये कमेंट किए… इन 4 विवादों से सुर्खियों में रहे मासूम शर्मा ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ ये खबर भी पढ़ें :- मेलबर्न में मासूम शर्मा के शो में हंगामा:लेट आने पर कुछ युवकों ने अश्लील इशारे किए, हरियाणवी सिंगर भी अपशब्द बोलकर निकले ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में चल रहे हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के लाइव शो में हंगामा हो गया। आरोप है कि मासूम शर्मा के शो में देरी से आने पर कुछ युवकों ने मंच के सामने आकर अश्लील इशारे किए। मासूम ने युवक की बात सुनने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद अन्य युवकों ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

हरियाणा में दीवाली की रात 4 जिलों में भीषण आग:अंबाला में धू-धू कर जले गोदाम, गुरुग्राम का वेयरहाउस में आग, पानीपत में टेंट हाउस जला

हरियाणा में दीवाली की रात 4 जिलों में भीषण आग:अंबाला में धू-धू कर जले गोदाम, गुरुग्राम का वेयरहाउस में आग, पानीपत में टेंट हाउस जला हरियाणा में दिवाली की रात 4 जिलों में आग लगने की घटनाएं हुई। गुरुग्राम, हिसार, पानीपत और अंबाला में अलग-अलग जगहों पर भीषण आग लगी। हिसार में ई-स्कूटी शोरूम में आग लगने से 70 स्कूटी जल गई। वहीं पानीपत में जगदम्बा टेंट हाउस में रॉकेट से आग लगने की घटना सामने आई है। जबकि मंजी साहिब गुरुद्वारे के पास एक गोदाम में भीषण आग लग गई। दमकल विभाग की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने में जुटी रहीं। गुरुग्राम में वेयरहाउस जलकर राख
गुरुग्राम जिले के गांव जोड़ी में आतिशबाजी के कारण बाजरे की पुलियों में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आठ एकड़ क्षेत्र में कटाई के बाद पुलियों को स्टोर किया गया था। देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई। मानेसर के फायर ऑफिसर नरेंद्र ने बताया कि सवा 8 बजे आग लगने की कॉल मिली थी। सूचना मिलते ही टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गईं। फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं। राठीवास गांव के एक वेयरहाउस में भी लगी आग
गुरुग्राम शहर और मारुति मानेसर से भी अतिरिक्त फायर टीमें मौके पर भेजी गई हैं। वहीं, गुरुग्राम के राठीवास गांव के एक वेयरहाउस में भी भीषण आग लग गई। सेक्टर-29, भीम नगर और उद्योग विहार फायर स्टेशन से पांच गाड़ियां मौके पर भेजी गई हैं। हिसार में ई-स्कूटी शोरूम में लगी आग
हिसार की ऑटो मार्केट में दुकान नंबर 305 में आग लग गई। यह दुकान ई-स्कूटी का शोरूम थी। बताया जा रहा है कि दुकान के अंदर दिए जलाकर कर्मचारी चले गए थे, जिसके चलते आग भड़क गई। दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। शोरूम के अंदर रखी करीब 70 स्कूटियां और 200 बैटरियों के सेट जलकर राख हो गए। पानीपत में टेंट हाउस और कूड़े के ढेर में आग
पानीपत के विराट नगर स्थित जगदम्बा टेंट हाउस में रॉकेट से आग लगने की घटना सामने आई है। वहीं, शहर की ज्योति कॉलोनी में दीवाली पर पटाखे चलाते समय कूड़े के ढेर में आग लग गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। अंबाला में गुरुद्वारे के पास गोदाम में आग
अंबाला के मंजी साहिब गुरुद्वारे के पास एक गोदाम में भीषण आग लग गई। हालांकि अभी तक आग के कारणों का पता नहीं चल सका है और यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोदाम किसका है। दमकल विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी हुई है। राहत और बचाव कार्य जारी
चारों जिलों में फायर विभाग की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। दीपावली की रात में इस तरह की आगजनी की घटनाओं से प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।